अधिकतर लोग किसी भी पूजा पाठ पर व्रत रखते हैं। जिसने में ज्यादातर लोग फलाहार उपवास रखते हैं। धान, गेंहूं, मसाले वाली चीजे आदि को त्याग कर सिर्फ दूध और फल का ही सेवन किया जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस व्रत में लोग दूध, मेवे और फल ही क्यों खाते हैं?
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उपवास रखने के पीछे कारण सिर्फ देवी देवताओं का प्रसन्न करना ही नहीं होता, बल्कि शरीर और दिमाग को सत्व की स्थिति में रखने की एक कोशिश भी होती है। जायकेदार खाने को त्यागकर समर्पण देखा जाता है और निश्चित समय पर पानी या आदि चीजे ग्रहण करना अनुशासन होता है।
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व्रत के दौरान सभी सुख सुविधाओं का मोह त्यागकर उसके इस्तेमाल से परहेज बरतने को अनुशासन बताया गया है। इस दौरान लोग सिर्फ दूध, फल और मेवे को ही आहार स्वरूप ग्रहण करते हैं, क्योंकि ये चीजे भगवान को अर्पित की जाती है।
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इस दौरान अनुष्ठान करवाने से शरीर में पैदा हुए जहरीले पदार्थो को खत्म किया जा सकता है। व्रत के दौरान लिया गया तुलसी जल और अंगूर को ग्रहण करने से शारीरिक शुद्धि होती है।