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अगर भोजन करने से पहले करेंगे ये काम तो हमेशा रहेंगे सेहतमंद

Mon, 27 Nov 2017 09:28 AM IST
amarujala.com- Presented by: किरण सिंह
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शास्त्रों में कहा गया है कि स्वयं भोजन करने से पहले भगवान को भोग लगाना चाहिए। इसका सिर्फ धार्मिक ही नहीं वैज्ञानिक आधार भी है। अगर आप क्रोध या खीझ अथवा उतावलेपन से भोजन करते हैं तो उसका प्रभाव नकारात्मक होता है।

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व्यक्ति कितना ही पौष्टिक और विटामिनों से युक्त भोजन कर ले, उससे पर्याप्त पोषण नहीं मिलता। शरीर में पाचन संस्थान के जो अवयव आहार का रस और सार सोखते हैं वह मनःस्थिति से प्रभावित होते हैं और अपना काम भूल जाते हैं। समस्या ये है कि दैनिक जीवन की समस्याओं और उलझनों का निराकारण किए बिना स्वस्थ चित्त से भोजन कैसे किया जाए। उसके लिए निर्धारित आधा पौन घंटे में मन की स्थिति प्रत्यंचा उतार कर रख दिए धनुष की तरह शिथिल होनी चाहिए।
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इस स्थिति का समाधान ये है कि भोजन को प्रसाद बना लेने पर चित्त की उद्विग्नता स्‍तर प्रतिशत तक कम हो जाती है। उनके अनुसार भगवान को भोग लगा कर या उन्हें निवेदित कर भोजन करने से मन सहज ही शांत और  भोजन के प्रति उन्मुख होने लगता है। कई परिवारों में भोजन के पूर्व भगवान को भोग लगाने की परंपरा होती है। शास्त्रों में इसके लिए बाकायदा विधि विधान तय है।

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उसके अनुसार जमीन पर आसन बिछाकर, पालथी से बैठकर ही भोजन करना चाहिए। पूजा पाठ या ध्यान आदि करते समय जो सावधानियां अपनाई जाती है, भोजन के समय भी वही सब सावधानी अपनाई जाए तो भोजन में पौष्टिकता के लिहाज से भले ही थोड़ी कमी हो पर वह संपूर्ण आहार से ज्यादा पोषक सिद्ध होता है।

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शास्त्रों में इस बात को धान-दोष (अन्न का कुप्रभाव) दूर करने के लिहाज से भी जरूरी बताया गया है। भाव शुद्धि के लिए भी यह जरूरी है। प्रसाद के बारे में तो यहां तक कहा गया है कि हाथ में जितना लगा रह जाए उतना ही अपना हिस्सा है।
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