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भगवान श्रीकृष्ण के ये 4 गुण आपके जीवन को बदल सकते हैं

Sat, 07 Sep 2019 12:43 PM IST
प्रशांत राय धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : social media
भगवान श्रीकृष्ण से प्रेम के साथ-साथ जीवन के सबसे खराब दौर में कैसे अच्छा परिणाम पाएं इसका गुण भी हम लोग सीख सकते हैं। अपने जन्म से लेकर लीला समाप्ति तक, अपने पूरे अवतार के समय तक भगवान श्रीकृष्ण ने कई संघर्षों को सुलझाया और देखा भी। परिस्थिति को अपने अनुकूल बनाने की कला सिर्फ श्रीकृष्ण में ही थी। इसलिए हम आपको बताने जा रहे श्रीकृष्ण की उन बातों के बारे में जिनसे आप अपने जीवन के कठिन समयों में श्रेष्ठ फल पा सकते हैं। 
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पढ़ाई रचनात्मक होनी चाहिए
भगवान श्रीकृष्ण ने 64 दिन में 64 कलाओं का ज्ञान प्राप्त कर लिया था। श्रीकृष्ण ने वैदिक कलाओं के साथ-साथ दूसरी कलाएं भी सीखी थीं। शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जिससे आपके व्यक्तित्व का रचनात्मक विकास हो। श्रीकृष्ण ने 64 कलाओं के साथ-साथ संगीत, नृत्य व युद्ध की भी कला सिखा था।  बच्चों में केवल कोरा ज्ञान ना भरें। 
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- फोटो : pixabay
मन शांत और दिमाग स्थिर रखें
एक बार पांडवों के राजसूय यज्ञ में शिशुपाल कृष्ण को अपशब्द कहता रहा। वह छोटा भाई था, लेकिन बोलते-बोलते उसने सारी मर्यादाएं तोड़ दीं। सभा में मौजूद सभी लोग क्रोधित थे लेकिन भगवान श्रीकृष्ण शांत थे और मुस्कुरा रहे थे। एक बार कृष्ण शांति दूत बनकर दुर्योधन के पास गए तो उसने कृष्ण का बहुत अपमान किया। कृष्ण शांत रहे। इसलिए अगर हमारा दिमाग स्थिर है और मन शांत है तभी हम कोई सही निर्णय ले पाएंगे। गुस्से में हमेशा नुकसान होता है। 

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श्रेय लेने से बचें
भगवान श्रीकृष्ण ने दुनिया के कई राजाओं को हराया था। लेकिन कभी किसी राजा का सिंहासन छीना नहीं। कृष्ण के पूरे जीवन में कभी ऐसा नहीं हुआ कि उन्होंने किसी राजा का सिंहासन छीना हो बल्कि दूसरे अच्छे लोगों को वहां के सिंहासन पर बैठाया। वह कभी किंग नहीं बनें बल्कि किंगमेकर की भूमिका निभाई। भगवान श्रीकृष्ण ने पूरा युद्ध कूटनीति से लड़ा पांडवों को सलाह देते रहे, लेकिन जीतने का श्रेय भीम और अर्जुन को दिया। 
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तनाव और दबाव में ही श्रेष्ठ ज्ञान बाहर आता है
कुरुक्षेत्र के मैदान में जब दुश्मनों की सेना युद्ध के लिए तैयार थी तब श्रीकृष्ण ने अर्जुन को जो भी ज्ञान दिया, वो दुनिया का श्रेष्ठ ज्ञान में से एक है। गीता की उत्पत्ति युद्ध के मैदान में हुई थी। जीवन की अच्छी बातें तनाव और दबाव में ही होती हैं। अगर आप दिमाग को शांत रखने की कोशिश करेंगे तो कठिन समय में भी आप अच्छा परिणाम पा सकते हैं। 
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