शिक्षक दिवस 2019
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कबीर का एक दोहा भी इस महत्त्व को उजागर करता हैं
गुरु बिन ज्ञान न उपजै, गुरु बिन मिलै न मोष।
गुरु बिन लखै न सत्य को, गुरु बिन मैटैं न दोष।।
कबीर के अनुसार बिना गुरु के ज्ञान मिलना संभव ही नहीं है। जब तक गुरु ज्ञान नहीं मिलता हमारा जीवन अंधकार में ही डूबा रहता है। बिना गुरु ज्ञान के सत्य और असत्य का पता नहीं चलता है। उचित और अनुचित के भेद का ज्ञान नहीं होता हैं।