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चाणक्य नीति: समाज में मान-सम्मान पाने के लिए इन 3 बातों का रखें ध्यान

Wed, 26 Aug 2026 06:10 PM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

चाणक्य नीति में ऐसी कई बातें बताई गई हैं, जिन्हें अपनाकर व्यक्ति अपने व्यक्तित्व में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। आइए जानते हैं सम्मान पाने से जुड़ी चाणक्य की तीन महत्वपूर्ण सीख।
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सम्मान पाने के लिए अपनाएं चाणक्य की ये 3 बातें - फोटो : AI
आचार्य चाणक्य को भारत के महान दार्शनिक, अर्थशास्त्री और राजनीतिज्ञों में गिना जाता है। उन्होंने जीवन के अलग-अलग पहलुओं को लेकर ऐसी कई नीतियां बताई हैं, जिनमें व्यवहार, धन, रिश्ते, शिक्षा और सफलता से जुड़ी महत्वपूर्ण सीख मिलती है। चाणक्य की शिक्षाएं आज भी व्यक्ति को परिस्थितियों को समझने, सही निर्णय लेने और अपने व्यक्तित्व को बेहतर बनाने की प्रेरणा देती हैं।

हर व्यक्ति चाहता है कि परिवार, समाज और कार्यस्थल पर उसे सम्मान और विश्वास मिले। हालांकि, सम्मान केवल धन, पद या सफलता से हासिल नहीं होता। किसी व्यक्ति का व्यवहार, उसकी भाषा, सोच और दूसरों के प्रति रवैया भी उसकी पहचान बनाने में अहम भूमिका निभाता है। चाणक्य नीति में ऐसी कई बातें बताई गई हैं, जिन्हें अपनाकर व्यक्ति अपने व्यक्तित्व में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। आइए जानते हैं सम्मान पाने से जुड़ी चाणक्य की तीन महत्वपूर्ण सीख।

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ज्ञान को बनाएं जीवन का साथी - फोटो : adobestock
1. ज्ञान को बनाएं जीवन का साथी

चाणक्य के अनुसार ज्ञान व्यक्ति की सबसे बड़ी शक्तियों में से एक है। शिक्षा का अर्थ केवल किताबें पढ़ना या डिग्री हासिल करना नहीं है। अपने अनुभवों से सीखना, गलतियों को समझना, अनुभवी लोगों की सलाह लेना और हर परिस्थिति से कोई सबक हासिल करना भी ज्ञान का हिस्सा है।

जो व्यक्ति लगातार सीखने की कोशिश करता है, उसकी सोच समय के साथ अधिक परिपक्व होती जाती है। वह मुश्किल परिस्थितियों में बेहतर निर्णय ले पाता है और दूसरों के साथ प्रभावी ढंग से बातचीत करना सीखता है। ज्ञान व्यक्ति के आत्मविश्वास को बढ़ाता है और उसके व्यक्तित्व में ऐसा निखार लाता है, जिससे लोग स्वाभाविक रूप से प्रभावित होते हैं। इसलिए सीखने की आदत को कभी खत्म नहीं करना चाहिए।
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अपनी तारीफ खुद करने से बचें - फोटो : adobe stock
2. अपनी तारीफ खुद करने से बचें

चाणक्य नीति में आत्मप्रशंसा से बचने की सलाह दी गई है। अपनी उपलब्धियों और खूबियों का बार-बार उल्लेख करना दूसरों के सामने आपकी छवि को कमजोर कर सकता है। अपनी काबिलियत साबित करने के लिए हर बातचीत में खुद को बेहतर बताने के बजाय अपने काम को बोलने देना अधिक प्रभावी होता है।

अपनी सफलता पर गर्व करना गलत नहीं है, लेकिन विनम्रता बनाए रखना जरूरी है। जब दूसरे लोग आपके काम और गुणों की सराहना करते हैं, तो उसका प्रभाव अधिक सकारात्मक होता है।
 

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दूसरों को सम्मान देना सीखें - फोटो : adobe stock
3. दूसरों को सम्मान देना सीखें

अगर आप चाहते हैं कि लोग आपका सम्मान करें, तो सबसे पहले आपको दूसरों को सम्मान देना सीखना होगा। व्यक्ति की सामाजिक स्थिति, पद या आर्थिक क्षमता चाहे कुछ भी हो, उसके साथ शालीनता से पेश आना अच्छे संस्कारों की निशानी है।

परिवार के सदस्यों, दोस्तों, सहकर्मियों और समाज के अन्य लोगों के साथ विनम्र भाषा में बातचीत करने से रिश्तों में मजबूती आती है। छोटे-बड़े का भेद किए बिना सम्मान देना व्यक्ति के वास्तविक चरित्र को दर्शाता है।
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दूसरों को सम्मान देना सीखें - फोटो : अमर उजाला
इस तरह चाणक्य की तीन सीख ज्ञान बढ़ाना, आत्मप्रशंसा से बचना और दूसरों का सम्मान करना, आज भी एक मजबूत और प्रभावशाली व्यक्तित्व की नींव बन सकती हैं। सम्मान पाने के लिए बड़ी उपलब्धियों से ज्यादा जरूरी है कि आपका व्यवहार लोगों के मन में अच्छी छाप छोड़े।

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 
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