फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Garuda Purana Niyam: ऐसे लोग गलती से भी न करें दान, वरना हो सकते हैं कंगाल

Tue, 14 Mar 2023 11:49 AM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 4
ऐसे लोग गलती से भी न करें दान - फोटो : Pixabay
Garuda Purana Niyam: 18 पुराणों में गरुड़ पुराण सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। इस पुराण के सभी पाठ कुछ नए विचार प्रदान करते हैं जिनका उपयोग जीवन पर वैकल्पिक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए किया जा सकता है। यह हिंदू धर्म के केंद्रीय विचार और दर्शन पर विस्तार करता है। यह दावा करता है कि सभी देवता सभी मानव शरीर के अंदर और बाहर मौजूद हैं। गरुड़ और भगवान विष्णु के बीच हुई वार्तालाप से संबंधित बातें गरुड़ पुराण में है। गरुड़ पुराण जीवन और मृत्यु के सभी रहस्यों को प्रकट करता है, पुनर्जन्म और मानव आत्माओं, नरक और भयानक दंडों के बारे में जानकारी प्रदान करता है। साथ ही जीवन को पूरी तरह जीने और सही रास्ते पर चलने का तरीका भी बताया गया है। गरुड़ पुराण के आचारकाण्ड में नीतिसार के अध्याय में सुखी व समृद्ध जीवन के लिए कई बातें बताई गई हैं। इनमें से एक दान के बारे में है। गरुड़ पुराण में एक श्लोक वर्णित है जिसके माध्यम से दान के महत्व और दान कब और किन लोगों को करना चाहिए इसके बारे में बताया गया है। आइए जानते हैं इस बारे में 
विज्ञापन

2 of 4
ऐसे लोग गलती से भी न करें दान - फोटो : Pixabay
गरुड़ पुराण में इस बारे में एक श्लोक वर्णित है। 
दाता दरिद्रः कृपणोर्थयुक्तः पुत्रोविधेयः कुजनस्य सेवा।
परापकारेषु नरस्य मृत्युः प्रजायते दिश्चरितानि पञ्च।।

गरुड़ पुराण के इस श्लोक के अनुसार किसी भी व्यक्ति को उस स्थिति में दान नहीं करना चाहिए जब वह खुद दरिद्र हो, दरिद्रता की स्थिति में अगर आप दान करते हैं तो स्वयं कंगाल हो सकते हैं। इसके अतिरिक्त पुराण के अनुसार कभी भी दिखावे के लिए दान नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से आपको पुण्य नहीं मिलेगा।
विज्ञापन

3 of 4
ऐसे लोग गलती से भी न करें दान - फोटो : Pixabay
  • गरुड़ पुराण कहता है कि दान उतना ही करना चाहिए जितना आप में सामर्थ्य हो, इससे बढ़ चढ़कर दान करना आपको भारी पड़ सकता है। इससे आपके जीवन में कई परेशानियां भी आ सकती है। इसलिए दान उतना करें जिसके बाद आपको परेशानी ना हो।
विज्ञापन

4 of 4
ऐसे लोग गलती से भी न करें दान - फोटो : Pixabay
  • शास्त्रों कहते हैं कि हर व्यक्ति को अपने कमाए हुए धन का दशांश यानी दस प्रतिशत दान करना चाहिए। गरुड़ पुराण के अनुसार दान हमेशा ऐसे व्यक्ति को करना चाहिए जिसे उसकी जरुरत हो, पहले से सक्षम व्यक्ति को किया हुआ दान कभी पुण्य नहीं कहलाता।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें