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चाणक्य नीति: अपमान न होने पाए तो इसके लिए आजमाएं ये कुछ तरीके

Fri, 28 Jul 2017 11:15 AM IST
amarujala.com- presented by: विनोद शुक्ला
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आचार्य चाणक्य ने एक नीति में बताया है कि हमें भविष्य के कष्टों और अपमान की स्थितियों से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और कौन-कौन सी बातें इंसान को दुख दे सकती है। इन बातों का ध्यान रखने पर व्यक्ति को जीवन में कामयाबी हासिल हो सकती हैं और अपने लक्ष्यों को हासिल किया जा सकता है। 
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चाणक्य के अनुसार किसी व्यक्ति के सबसे मुश्किल बात यह होती है उसका अज्ञानी होना। यदि कोई व्यक्ति मूर्ख है तो वह जीवन में कभी भी सुखी नहीं रह सकता है। उसे जीवन में हर समय कष्ट और अपमान झेलना पड़ता है।
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इसके अलावा यदि कोई व्यक्ति किसी दूसरे इंसान पर निर्भर रहता तो यानि वह उसके खर्चे और उसके घर में रहने को मजूबर रहता तो उस व्यक्ति के जीवन में कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
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आचार्य चाणक्य के अनुसार व्यक्ति के दुख का एक कारण उसकी जवानी भी हो सकती है। क्योंकि जवानी में व्यक्ति में अत्यधिक जोश और क्रोध होता है। कोई व्यक्ति जवानी के इस जोश को सही दिशा में लगाता है, तब तो वह अपने लक्ष्यों तक अवश्य ही पहुंच जाएगा। इसके विपरीत यदि कोई व्यक्ति जवानी के जोश और क्रोध के वश होकर गलत कार्य करने लगता है तो वह बड़ी परेशानियों में घिर सकता है।
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