अक्सर देखने को मिलता है कि संकटकालीन परिस्थिति में लोगों का विवेक सामान्य रूप से काम नहीं करता है। इसी कारण व्यक्ति को जान-माल की हानि का सामना करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में आचार्य चाणक्य की पांच बातें बेहद काम आएंगी। दरअसल, चाणक्य नीति शास्त्र में आचार्य चाणक्य ने विपत्ति के समय व्यक्ति को क्या करना चाहिए और किन बातों को ध्यान में रखना चाहिए इस बारे में बताया है। जो इस प्रकार हैं-