आचार्य चाणक्य की गिनती भारत के महानतम विद्वानों में की जाती है। अपने समय के ये बहुत ही विद्वान पुरुष थे। इनकी शख्सियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इन्होंने एक मामूली से दिखने वाले बालक को भारत का महान शासक बना दिया था। अपने समय में ये विष्णुगुप्त और कौटिल्य के नाम से जाने जाते थे। इनके द्वारा लिखी गई पुस्तक अर्थशास्त्र आज के समय में भी प्रासंगिक है। आचार्य चाणक्य ने धर्म, समाज, राजनीति, अर्थव्यवस्था आदि विभिन्न विषयों पर खुल कर अपने मतों को व्यक्त किया। इन्होंने अपनी बुद्धि के बल पर इतिहास की धारा को ही बदल के रख दिया। चाणक्य ने माता-पिता को अपने बच्चों की देखरेख कैसे करनी चाहिए? इस विषय पर भी बहुत कुछ कहा। इन्होंने चाणक्य नीति में बच्चों की उन आदतों के बारे में जिक्र किया था, जिन पर एक माता-पिता को सदा ध्यान रखना चाहिए। आइए जानते हैं -