शत्रु पर विजय पाने का चाणक्य सूत्र
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शत्रु पर विजय पाने का चाणक्य सूत्र
अनुलोमेन बलिनं प्रतिलोमेन दुर्जनम्।
आत्मतुल्यबलं शत्रु: विनयेन बलेन वा।।
अर्थ- अगर आपका शत्रु आपसे अधिक शक्तिशाली है, तो उसे जीतने के लिए उसके अनुकूल व्यवहार अपनाना चाहिए। अगर वह दुष्ट प्रवृत्ति का है, तो उसके विरुद्ध जाकर कार्य करना चाहिए। वहीं यदि शत्रु आप जितना ही बलवान हो, तो विनम्रता या बल के माध्यम से उसे मात दी जा सकती है।