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Chanakya Niti: प्रेम संबंधों में चल रही है अनबन, आचार्य चाणक्य की इन बातों का रखें ध्यान

Sat, 05 Mar 2022 09:41 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमरउजाला, नई दिल्ली
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Chanakya Neeti: आचार्य चाणक्य के अनुसार किसी भी रिश्ते की सुख-शांति रिश्ता निभाने वालों के मधुर संबंधो पर निर्भर करती है। - फोटो : amar ujala
Chanakya Niti:आचार्य चाणक्य ने अपने जीवन में विषम से विषम परिस्थितियों का सामना किया था परंतु कभी हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य को प्राप्त किया। अगर कोई व्यक्ति की आचार्य चाणक्य की बातों का अनुसरण अपने जीवन में करता है, तो वह जीवन में कभी गलती नहीं करेगा और सफल मुकाम पर पहुंच सकता है। महान अर्थशास्त्री और कूटनीतिज्ञ आचार्य चाणक्य ने अपने नीति शास्त्र में मानव कल्याण से जुड़े लगभग सभी विषयों का जिक्र किया है। चाणक्य जी की नीतियों के माध्यम से हम यह पता लगा सकते हैं कि मनुष्य को किस परिस्थिति में कैसा व्यवहार करना चाहिए। आचार्य चाणक्य द्वारा बताई गई इन नीतियों को वर्तमान समय में भी काफी प्रासंगिक मानी जाती हैं। इस नीति ग्रंथ में लिखी बातें जीवन की सच्चाई को समझाने की कोशिश करते हैं। आचार्य चाणक्य ने प्रेम संबंधों के बारे में भी अपने विचार व्यक्त किए हैं। आचार्य चाणक्य के अनुसार किसी भी रिश्ते की सुख-शांति रिश्ता निभाने वालों के मधुर संबंधो पर निर्भर करती है। अगर प्रेमी-प्रेमिका का रिश्ता कमजोर होगा तो रिश्तों में दरार आने में जरा भी देर नहीं लगेगी।  आइए जानते हैं वह कौन सी बातें हैं जिसका ध्यान रखने से प्रेम संबंधों में आ रहे तनाव झट से दूर होंगे। 
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आचार्य चाणक्य के अनुसार व्यक्ति को अपने साथी का सम्मान करना चाहिए। - फोटो : istock
साथी की इज्जत करें
आचार्य चाणक्य के अनुसार व्यक्ति को अपने साथी का सम्मान करना चाहिए। यदि व्यक्ति अपने साथी को सबके सामने अपमानित कर रहा है तो नई सिर्फ वह उसके आत्मसामान को ठेस पहुंचा रहा है बल्कि अपना मान-सम्मान भी खो रहा है। और ऐसा होने से प्रेम संबंधों में दरार आना लाज़मी है, इसलिए प्रेमी-प्रेमिका को अपने साथी की इज्जत करनी चाहिए। 
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अपने साथी को अहमियत दें और हर कार्य में "मैं" को नहीं "हम" को स्थान दें।  - फोटो : istock
अहंकार से दूरी बनाएं 
यदि आप किसी से प्रेम करते हैं तो उसमें अहम को बीच में लेकर न आएं। आचार्य चाणक्य के अनुसार प्रेम संबंधों के बीच यदि अहंकार आ गया तो आप अपने साथी के अस्तित्व को कम कर देंगे और उसकी अहमियत भी नहीं समझेंगे। इससे रिश्तों में तनाव उत्पन्न होगा। इसलिए इसके विपरीत अपने साथी को अहमियत दें और हर कार्य में "मैं" को नहीं "हम" को स्थान दें। 

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आचार्य चाणक्य के अनुसार प्रेम जीवन जी रहे लोगों में अटूट विश्वास होना बहुत जरूरी है। - फोटो : istock
अटूट विश्वास रखें 
आचार्य चाणक्य के अनुसार प्रेम जीवन जी रहे लोगों में अटूट विश्वास होना बहुत जरूरी है। जिस रिश्ते में विश्वास और भरोसा होता है वह किसी भी मुश्किल चुनौती का सामना आसानी से कर लेता है। वहीं जिस रिश्ते में भरोसा नहीं शक होता है उसे हल्के से झटके में ही तोड़ जा सकता है। 
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आचार्य चाणक्य कहते हैं कि रिश्तों में आजादी का होना बहुत जरूरी है। - फोटो : istock
थोड़ी आजादी भी है जरूरी 
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि रिश्तों में आजादी का होना बहुत जरूरी है। जिन रिश्तों में बंदिेशें होती हैं उससे अधिक मजबूत रिश्ते वो होते हैं जिनमें आजादी होती है। जिन रिश्तों में आजादी नहीं होती है, वो कुछ समय बाद ही ऊबने लगते हैं और कैद महसूस होने पर रिश्ता खत्म कर लेना चाहते हैं। इसलिए रिश्तों में एक स्पेस देना बहुत जरूरी है। 
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