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Chanakya Niti: हर मुस्कुराता चेहरा दोस्त नहीं होता, जानिए चाणक्य नीति से कैसे करें सच्चे दोस्त की पहचान

Thu, 15 May 2025 06:58 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Signs Of Fake Friends: दोस्ती में विश्वास जरूरी है, लेकिन आँख बंद करके भरोसा करना नुकसानदेह हो सकता है। चाणक्य के अनुसार, हर रिश्ते की परख जरूरी है क्योंकि कई बार सबसे बड़ा धोखा करीबी दोस्त ही देते हैं।

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Chanakya life lessons - फोटो : adobe stock
Chanakya’s Teachings On Relationships: दोस्ती एक ऐसा रिश्ता है जिसमें हम भरोसा, प्यार और समर्थन की तलाश करते हैं, लेकिन चाणक्य नीति के अनुसार, सभी दोस्त सच्चे नहीं होते। कई बार हमारे जीवन में वही लोग दोस्ती का दिखावा करते हैं, जो वास्तव में हमारे सबसे बड़े दुश्मन होते हैं। चाणक्य का कहना है कि हमें मीठी बातों से धोखा नहीं खाना चाहिए, क्योंकि कुछ लोग सिर्फ दिखावे के लिए हमारे करीब आते हैं और किसी मौके पर हमें धोखा दे सकते हैं।
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इसलिए यह समझना जरूरी है कि हर दोस्त सच्चा नहीं होता। चाणक्य नीति में ऐसे छुपे हुए दुश्मनों की पहचान के लिए कुछ महत्वपूर्ण संकेत दिए गए हैं। आइए जानते हैं कि कैसे चाणक्य के नजरिए से इन दुश्मनों को पहचाना जा सकता है और खुद को उनके नकारात्मक प्रभाव से कैसे सुरक्षित रखा जा सकता है।
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Chanakya life lessons - फोटो : freepik
हर हंसते हुए व्यक्ति पर भरोसा नहीं करना चाहिए
चाणक्य का यह सिद्धांत है कि जो व्यक्ति हमेशा हंसते हुए बात करता है, जरूरी नहीं कि वह आपका सच्चा दोस्त हो। बहुत से लोग अपनी मुस्कान और मीठी बातों के पीछे छुपा हुआ धोखा देने का इरादा रखते हैं। ये लोग आपकी अच्छाई का फायदा उठाकर, किसी भी मौके पर आपके खिलाफ साजिश रच सकते हैं। इसलिए, हमें किसी पर भी बिना सोचे-समझे और आंख बंद करके विश्वास नहीं करना चाहिए। अक्सर जो व्यक्ति दूसरों के सामने आपकी तारीफ करते हैं, वही लोग आपके पीठ पीछे ग़लत बातें भी कर सकते हैं।
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Chanakya life lessons - फोटो : adobe stock
सच्चे दोस्त की पहचान उसकी पीठ पीछे की बातों से होती है
सच्चा दोस्त वही होता है जो आपकी अनुपस्थिति में भी आपकी इज्जत करता है। चाणक्य का कहना है कि जो व्यक्ति आपके सामने तो अच्छा और वफादार बनता है, लेकिन दूसरों के सामने आपकी बुराई करता है, वह असल में आपका दुश्मन है, न कि दोस्त। एक असली दोस्त कभी आपके बारे में बुरा नहीं बोलता, चाहे वह आपकी मौजूदगी में हो या न हो। अगर कोई आपके सामने तो दोस्ती का दिखावा करता है, लेकिन दूसरों के सामने आपकी निंदा करता है, तो वह व्यक्ति आपके लिए हानिकारक हो सकता है। चाणक्य के अनुसार, ऐसे लोगों से दूरी बनाना ही सबसे सही है।

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Chanakya life lessons - फोटो : Freepik
बार-बार भरोसा तोड़ने वाले से रहें दूर
चाणक्य नीति के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति बार-बार आपका विश्वास तोड़ता है या आपकी व्यक्तिगत बातों को दूसरों तक पहुंचाता है, तो वह व्यक्ति विश्वसनीय नहीं हो सकता। ऐसे लोग आपके भरोसे का फायदा उठाते हैं और आपके निजी राज़ों को सार्वजनिक कर सकते हैं, जो आपके लिए हानिकारक साबित हो सकता है। इसलिए, चाणक्य कहते हैं कि किसी पर आंख बंद करके विश्वास नहीं करना चाहिए, खासकर उन लोगों पर जो आपकी बातों को बार-बार दूसरों तक पहुंचाते हैं। अपने निजी मामलों को दूसरों से बांटने से पहले यह सोचना जरूरी है कि वो व्यक्ति आपकी बातों का सम्मान करेगा या नहीं।
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Chanakya life lessons - फोटो : freepik
सच्चे दोस्त की पहचान मुश्किल घड़ी में होती है
चाणक्य के अनुसार, सच्चा दोस्त वही होता है जो आपकी मुश्किलों में आपका साथ देता है। हर कोई अच्छे वक्त में आपके पास होता है, लेकिन बुरे वक्त में जो आपका साथ नहीं छोड़ता, वही असली दोस्त होता है। जो सिर्फ आपके अच्छे समय में ही पास रहे और संकट के समय गायब हो जाए, वह सिर्फ दिखावे का दोस्त है। चाणक्य का मानना है कि सच्ची मित्रता की पहचान तभी होती है, जब हम संकट या बुरे वक्त का सामना कर रहे होते हैं। ऐसे समय में, जो व्यक्ति हमारे साथ खड़ा रहता है, वही सच्चा मित्र होता है, और हमें उसकी अहमियत समझनी चाहिए।
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Chanakya life lessons - फोटो : Adobe
रिश्तों को समझने और परखने की अहमियत
चाणक्य नीति में स्पष्ट कहा गया है कि हर रिश्ते को समय और अनुभव से परखना चाहिए। दिखावा और भावनाओं में बहकर रिश्तों को जल्दी से नजदीकी नहीं देनी चाहिए, क्योंकि जो रिश्ते बाहर से अच्छे दिखते हैं, वे अंदर से खोखले हो सकते हैं। चाणक्य का मानना है कि बिना जांचे-परखे किसी को भी अपनी जिंदगी में ज्यादा करीब नहीं लाना चाहिए। हमें लोगों के व्यवहार और उनके साथ बिताए गए समय के आधार पर उनका मूल्यांकन करना चाहिए, ताकि किसी गलत व्यक्ति से हमें नुकसान न हो।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 
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