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Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य की इन बातों को अपनाने वालों का जीवन होता है सुखी

Mon, 01 Dec 2025 10:03 AM IST
सोनिया चौहान धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आचार्य चाणक्य ने अपने नीतिशास्त्र में जीवन के हर क्षेत्र से संबंधित महत्वपूर्ण बातों का जिक्र किया है। यदि इन बातों को ध्यान में रखा जाए तो व्यक्ति एक संतुष्ट और सफल जीवन व्यतीत कर सकता है। 

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चाणक्य के मुख्य सिद्धांत - फोटो : Amar Ujala
Chanakya Niti in Hindi: आचार्य चाणक्य ने 'चाणक्य नीति' नामक ग्रंथ की रचना की है, जिसमें जीवन से जुड़ी कई समस्याओं का जिक्र है। इस नीति शास्त्र का अध्ययन करने पर व्यक्ति को जीवन और लक्ष्य के प्रति नए नजरिए की प्राप्ति होती हैं। भगवान कृष्ण ने गीता का पाठ अर्जुन को तब पढ़ाया था, जब उनके कदम युद्ध के लिए डगमगाने लगे थे। फिर श्रीकृष्ण की बातों को सुनकर अर्जुन अपने लक्ष्य को पूरा करने की ओर अग्रसर हुए। तभी से ऐसा माना गया है कि जीवन की विपरीत परिस्थितियों में मनुष्य को हमेशा गीता के उपदेशों का स्मरण करना चाहिए। गीता संपूर्ण जीवन दर्शन है और इसका अनुसरण करने वाला व्यक्ति जीवन में कभी निराश नहीं होता है। गीता में श्रीकृष्ण ने कहा है कि मन का परिवर्तन करने से ही दुखों का अंत होता है। 

आचार्य चाणक्य के अनुसार,  सुखी जीवन के लिए लालच से दूर रहना, गुस्से पर नियंत्रण रखना, अहंकार से बचना, अच्छी संगत में रहना, और महिलाओं का सम्मान करना ज़रूरी है। चाणक्य की ये नीतियां व्यक्ति को जीवन में शांति और सफलता प्राप्त करने में मदद करती हैं। 
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चाणक्य के मुख्य सिद्धांत - फोटो : Amar Ujala
महिलाओं का सम्मान 

हिंदू धर्म ईश्वर के बाद महिलाओं को सबसे ऊंचा स्थान दिया गया है। आचार्य चाणक्य के अनुसार, जो व्यक्ति महिलाओं का सम्मान नहीं करता, वह कभी सुखी नहीं रह सकता। ऐसे घरों में प्रगति के साथ-साथ देवी लक्ष्मी का वास भी नहीं होता है। 
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चाणक्य नीति - फोटो : Freepik
लालच

लालच, वासना और सत्ता की भूख को चाणक्य ने सबसे बड़ा शत्रु माना है, और उन्होंने लोगों को लालच से दूर रहने की सलाह दी है। आचार्य चाणक्य के अनुसार, किसी भी चीज का लालच आपको सफलता से दूर ले जा सकता है और रिश्ते खराब कर सकता है। 

अहंकार से बचना

अहंकार के कारण व्यक्ति अपनी गलतियों को नजरअंदाज करता है, किसी के साथ अच्छे से नहीं रह पाता। आचार्य चाणक्य के अनुसार, कार्यस्थल पर अहंकार आपको दूसरों की बात सुनने से रोकता है। हमेशा विनम्र रहें और दूसरों की राय का सम्मान करें।

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चाणक्य नीति - फोटो : Amar Ujala
गुस्से पर नियंत्रण 

गुस्से को नियंत्रित करने से व्यक्ति अपने रिश्तों और सम्मान की रक्षा करता है और बेहतर निर्णय ले पाता है। आचार्य चाणक्य के अनुसार, गुस्सा निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित करता है। शांत रहने के लिए गहरी सांस लें और ध्यान करें।


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चाणक्य नीति - फोटो : Amar Ujala
अच्छी संगत में रहना

अच्छी संगत में रहने से व्यक्ति का चरित्र और जीवन की दिशा सुधरती है, सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा के साथ वह नकारात्मकता से भी दूर रहता है। आचार्य चाणक्य के अनुसार, अच्छी संगत आपको सफलता की ओर ले जाती है और कठिन समय से लड़ने की क्षमता देती है।





डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 
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