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Chanakya Niti: ऐसे लोगों को भूलकर भी न बनाएं अपना मित्र, सांप से भी ज्यादा खतरनाक होते हैं ये

Thu, 19 Nov 2020 05:26 PM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला
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Chanakya Success Mantra - फोटो : social media
आचार्य चाणक्य ने मनुष्य और समाज के कल्याण के लिए चाणक्य नीति शास्त्र जैसा महान ग्रंथ लिखा है। इस ग्रंथ में नीतियों के रूप में समाज और लोगों की भलाई, कामयाबी और तरक्की के लिए अथाह ज्ञान समाहित है। चाणक्य नीति में एक श्लोक के माध्यम से आचार्य चाणक्य कुछ लोगों को सांप से भी खतरनाक मानते हैं। आचार्य चाणक्य ऐसे लोगों से दूर रहने की सलाह देते हैं। यह श्लोक इस प्रकार है - 
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Chanakya Success Mantra - फोटो : social media
दुर्जनस्य च सर्पस्य वरं सर्पो न दुर्जनः । 
सर्पो दंशति काले तु दुर्जनस्तु पदे पदे ।।
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चाणक्य नीति - फोटो : Social media
अर्थात सांप दुर्जन व्यक्ति से ज्यादा बेहतर है। क्योंकि सांप खुद पर खतरा महसूस होता है तभी डसता है लेकिन दुर्जन प्रवृति का मनुष्य हर समय डसने के लिए मौका तलाशता है। चाणक्य के अनुसार दुर्जन मनुष्य आपका कभी भला नहीं कर सकता है। आचार्य चाणक्य के अनुसार, दुर्जन लोगों से कभी भी मित्रता नहीं करनी चाहिए। इनसे सदैव दूरी बनाकर रखना चाहिए। इसी में आपकी भलाई है। वहीं दुर्जन व्यक्तियों के विपरीत सज्जन व्यक्तियों के लिए आचार्य चाणक्य अपने एक श्लोक में उनकी सराहना करते हुए कहते हैं कि सज्जन लोग विपरीत परिस्थितियों में अपनी मर्यादा को नहीं लांघते हैं। यह श्लोक इस प्रकार है-  

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चाणक्य नीति - फोटो : Social media
प्रलये भिन्नमार्यादा भविंत किल सागर:
सागरा भेदमिच्छन्ति प्रलेयशपि न साधव:।
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Chanakya Success Mantra - फोटो : social media
अर्थात जब प्रलय आती है तो समुद्र भी अपनी सीमाओं को तोड़ देता है, लेकिन सज्जन व्यक्ति प्रलय के समान भयंकर आपत्ति एवं विपत्ति में भी अपनी सीमा नहीं लांघते हैं। सज्जन व्यक्ति धैर्यवान होते हैं। अपने संयम से ही वे सफल होते हैं। 
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