आचार्य चाणक्य ने मनुष्य और समाज के कल्याण के लिए चाणक्य नीति शास्त्र जैसा महान ग्रंथ लिखा है। इस ग्रंथ में नीतियों के रूप में समाज और लोगों की भलाई, कामयाबी और तरक्की के लिए अथाह ज्ञान समाहित है। चाणक्य नीति में एक श्लोक के माध्यम से आचार्य चाणक्य कुछ लोगों को सांप से भी खतरनाक मानते हैं। आचार्य चाणक्य ऐसे लोगों से दूर रहने की सलाह देते हैं। यह श्लोक इस प्रकार है -