आचार्य चाणक्य बहुत ही कुशाग्र बुद्धि के विद्वान थे। आज को समय में भी उनकी गिनती श्रेष्ठ विद्वानों में की जाती है। आचार्य चाणक्य ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी बुद्धि का प्रयोग करते हुए अपने शत्रु को पराजित किया। आचार्य चाणक्य ने अपने ज्ञान और अनुभव के आधार पर नीतिशास्त्र की रचना की। जिसे चाणक्य नीति भी कहा जाता है। आचार्य चाणक्य द्वारा लिखें गए नीतिशास्त्र में जीवन के विभिन्न पहलुओं से संबंधित महत्वपूर्ण बातें बताई गई हैं। नीतिशास्त्र में चाणक्य ने ऐसी बातों के बारे में जिक्र किया है, जिन्हें दुख के समय भी दूसरों को नहीं बताना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति इन बातों का जिक्र दूसरों के सामने करता है तो उसे अपमान और नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। तो चलिए जानते हैं कौन सी हैं वे बातें।