Chanakya Niti : चाणक्य नीति आचार्य चाणक्य द्वारा रचित एक नीति ग्रन्थ है। इसमें सूत्रात्मक शैली में जीवन को सुखमय एवं सफल बनाने के लिए उपयोगी सुझाव हैं। इसका मुख्य उद्देश्य मनुष्य को जीवन के प्रत्येक पहलू की व्यावहारिक शिक्षा देना है। आचार्य चाणक्य के इस नीतिपरक ग्रंथ में जीवन-सिद्धान्त और जीवन-व्यवहार तथा आदर्श और यथार्थ का बड़ा सुन्दर समन्वय देखने को मिलता है। आचार्य चाणक्य की कहीं हर बात आज भी उतनी ही सही है जितनी वह उस जमाने में हुआ करती थी। चाणक्य नीति आपको अपने जीवन में कुछ भी हासिल करने में मदद करती है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप किस क्षेत्र में हैं। यदि आप चाणक्य नीति को पूरी तरह से पढ़ते हैं और उसका अनुसरण करते हैं, तो कोई भी आपको सफल होने से रोक नहीं सकता आप कभी भी किसी के धोखे का शिकार नहीं होंगे और जीवन में हमेशा सफलता पाएंगे। आचार्य चाणक्य ने अपने नीति शास्त्र में बच्चों, बड़ों और बुजुर्गों सबके लिए कोई न कोई सीख दी है। आचार्य चाणक्य के अनुसार हर व्यक्ति को बच्चों के सामने बात करते समय सोच विचार कर बात करनी चाहिए। क्योंकि बच्चे गीली मिट्टी के समान होते हैं उन्हें आप जैसा ढालेंगे वे वैसे ही ढल जाएंगे। इसलिए बच्चों के सामने बात करते समय बहुत सावधानी बरतें अन्यथा आपको जीवन भर का पछतावा रहेगा। आइए जानते हैं नीतिशास्त्र के अनुसार बच्चों के सामने किन बातों से परहेज करना चाहिए।