ज्ञान
आचार्य चाणक्य ने कहा है कि किसी भी व्यक्ति की सबसे बड़ी पूंजी उसका ज्ञान होता है। ज्ञान के सहारे ही दुनिया की हर चीज को हासिल करना आसान हो जाता है। जो व्यक्ति अपने परिवार और घर से दूर रहता है शिक्षा ही उसकी सबसे बड़ी मित्र होती है। घर से दूर रहने पर व्यक्ति का ज्ञान ही परेशानियों से उसकी रक्षा करता है। ज्ञानी व्यक्ति की प्रंशसा उसके जीवित रहते भी होती है और मरने के बाद भी उसके ज्ञान की प्रशंसा होती है।