महाभारत युद्ध में भीष्म पितामह
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भीष्म नीति के अनुसार, बेटी, बहु, मां एवं बहन या परिवार की अन्य महिलाओं का सम्मान करना चाहिए। उनके अधिकारों का हनन नहीं करना चाहिए। क्योंकि जहां महिलाओं का सम्मान होता है। जहां नारी सशक्त होती है। वहां स्वयं देवता निवास करते हैं। शास्त्रों में यह श्लोक भी है - यत्र नार्येस्तु पूज्यंते रमन्ते तत्र देवताः।।
भीष्म के अनुसार, मनुष्य को कभी भी ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए जिससे वह किसी महिला के शाप का भागी बने। क्योंकि उनकी हाय विनाश लेकर आती है। भगवान श्रीकृष्ण का कुल भी एक महिला (गांधारी) के श्राप के कारण मिट गया था। इसलिए स्त्री, बालक, बालिका, गौ, असहाय, प्यासा, भूखा, रोगी, तपस्वी और मरणासन्न व्यक्ति को नहीं सताना चाहिए। जो इनसे श्राप लेता है उसका विनाश निश्चित होता है।