भर्तृहरि संस्कृत के महान कवि थे। वह एक प्रसिद्ध नीतिकार के रूप में प्रसिद्ध है। एक समय उनके जीवन में ऐसा आया जब उन्होंने मोह माया त्याग कर तपस्या करने वन को चले गए। तपस्या कर उन्होंने कई नीति श्लोक और पुस्तकें लिखी जिसे आप अपने रोजमर्रा के जीवन में अपनाकर अपने जीवन की दिशा-दशा सुधार सकते हैं।