फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bhagavad Gita: गीता में लिखी भगवान कृष्ण की ये सीखें बदल सकती है जीवन, सफलता के साथ मिलता है मान-सम्मान

Tue, 23 Dec 2025 09:08 PM IST
सोनिया चौहान धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Gita Updesh: हजारों वर्षों पुरानी भगवद गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि आत्मिक और मानसिक संघर्षों के समाधान का गहरा विज्ञान है। गीता में कृष्ण जी के उपदेशों का वर्णन है, जिसका अध्ययन करने से कर्तव्य, आत्म-साक्षरता, आत्म-ज्ञान और भक्ति-योग का ज्ञान होता है।

विज्ञापन
1 of 5
भगवान श्रीकृष्ण गीता उपदेश - फोटो : Freepik
Bhagavad Gita Updesh: महाभारत के युद्ध के दौरान जब अर्जुन के मन में संशय, भय और मोह ने जगह ले ली और उनके कदम युद्धभूमि में डगमगाने लगे, तब श्रीकृष्ण ने उन्हें गीता का ज्ञान दिया था। भगवद गीता में कृष्ण जी के उपदेशों का वर्णन है, जिसका अध्ययन करने से कर्तव्य, आत्म-साक्षरता, आत्म-ज्ञान और भक्ति-योग का ज्ञान होता है। कृष्ण जी के उपदेशों को सुनकर ही अर्जुन लक्ष्य को पूरा करने की ओर अग्रसर हुए थे। भगवद गीता में लिखी सभी बातें आज भी युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं। साथ ही विपरीत परिस्थितियों में मनुष्य के काम आती हैं।

भगवद गीता को जीवन का मार्गदर्शक ग्रंथ माना जाता है. कहा जाता है कि जीवन की कोई भी समस्या ऐसी नहीं, जिसका समाधान गीता के श्लोकों में न मिलता हो। गीता के ज्ञान की सभी लोग ने अपने-अपने तरीके से व्याख्या करते हैं। माना जाता है जितनी बार इसका अध्ययन किया जाता है, उतनी बार एक अलग आध्यात्मिक अर्थ समझने-जानने को मिलता है। साथ ही जीवन के उद्देश्य और सही अर्थ का पता चलता है। ऐसे में आइए गीता में लिखी उन खास बातों को जानते हैं, जो सफलता हासिल करने के लिए बेहद जरूरी है।
विज्ञापन

2 of 5
भगवद गीता - फोटो : Freepik
मन पर काबू
भगवान कृष्ण कहते हैं कि अक्सर मनुष्य अपने मन के कारण समस्याओं से घिरा रहता है। यदि मन पर काबू पा लिया जाए, तो अधिकतर समस्याएं समाप्त हो सकती है। उनका मानना है कि मनुष्य की इच्छाएं मन पर ऊपर हावी होती है, जिसे पूरा करने के लिए इंसान किसी भी मार्ग का चयन कर लेता है। ऐसे में मन पर काबू पाना अपने में सफलता है।
विज्ञापन

3 of 5
गीता उपदेश - फोटो : Freepik
अभ्यास करना
भगवद गीता के अनुसार मनुष्य को हमेशा अभ्यास करते रहना चाहिए। अभ्यास मनुष्य जीवन को आसान बनाता है। कृष्ण जी का मानना है कि अभ्यास से आत्मविश्वास में वृद्धि होती है, और नए कौशल सीखे जा सकते हैं।


Bhagavad Gita: गीता में लिखी ये पांच बातें, दूर करती है तनाव और चिंता


Gita Shlok: मानसिक शांति और क्रोध पर नियंत्रण के लिए सभी को पढ़ने चाहिए, गीता के ये पांच श्लोक 

4 of 5
भगवद गीता श्लोक - फोटो : freepik
कर्म करना चाहिए
भगवान कृष्ण के अनुसार हर मनुष्य को कर्म करना चाहिए, और कभी भी फल की इच्छा नहीं रखनी चाहिए। उनका मानना है कि जैसा आपका कर्म होगा ईश्वर उसी के अनुरूप ही फल प्रदान करता है। इसलिए कभी भी फल की चिंता नहीं करना चाहिए, क्योंकि कार्य से पहले परिणाम की अपेक्षा करने से मन भ्रमित हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
भगवद गीता श्लोक - फोटो : adobe stock
स्वयं का आकलन
भगवद गीता के अनुसार कोई भी व्यक्ति खुद को खुद से बेहतर न जान सकता है, और न ही समझ सकता है। इसलिए समय समय पर इंसान को स्वयं का आकलन करना चाहिए। ऐसा करने से व्यक्ति अपनी खामियों को पहचान कर उस पर कार्य करता है, जो सफलता के मार्ग को आसान बनाता है।





डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।  
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें