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अपने तरीकों से जीवन जीना चाहते हैं, तो भगत सिंह की ये बातें सिर्फ आपके लिए हैं

Thu, 26 Sep 2019 08:29 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
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शहीद भगत सिंह
भगत सिंह देश के सबसे बड़े क्रांतिकारियों में से एक है। वैसे तो उनकी जिंदगी ही हमारे लिए एक प्रेरणा है परंतु उनके द्वारा कहीं गई बातें हमारे जीवन को एक बेहतर दिशा में ले जानें का कार्य करती है। उनका हर एक विचार जीवन में नई ऊर्जा भर देता है। आइए जानते है उनके उच्चतम विचार। 
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Bhagat Singh - फोटो : social media
भगत सिंह का मानना था कि एक बेहतर जिंदगी सिर्फ अपने तरीकों से व्यतीत की जा सकती हैं। यह जिंदगी आपकी है और आपको तय करना है कि आपको जीवन में क्या करना है।
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भगत सिंह
देशभक्तों को अक्सर लोग पागल कहते हैं, और देशभक्ति करने के लिए एक प्रेमी, पागल और कवि जैसा बनना पड़ता है। जिस तरह इनके लक्ष्य निर्धारित होते है, उसी तरह देशभक्तों का भी एक ही लक्ष्य है देश की भलाई। हमें भी जीवन में अपने लक्ष्य निर्धारित करने चाहिए। अगर हमें अपने लक्ष्य पता होंगे तो हम जीवन में अवश्य ही सफलता हासिल करेंगे। भगत सिंह हमेशा कहा करते थे में एक ऐसा पागल हूं, जो जेल में भी आजाद है और मेरी गर्मी से ही राख का हर एक कण गतिमान हैं।

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bhagat singh - फोटो : सोशल मीडिया
भगत सिंह ने कहा है कि क्रांति शब्द की शाब्दिक अर्थ में व्याख्या नहीं करनी चाहिए। व्यक्ति के उपयोग और दुरुपयोग के हिसाब से इसके अलग-अलग अर्थ और मायने दिए जाते हैं। अगर सोये हुए को उठाना है तो आवाज को बुलंद करना ही पड़ेगा।हमने बम अंग्रेजी हुकूमत पर गिराया। किसी व्यक्ति विशेष को मारना हमारा मकशद नहीं है।
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शहीद भगत सिंह
हम सब बदलाव के विचार से ही भयभीत हो जाते हैं। हमें निष्क्रियता की भावना को क्रांतिकारी भावना में बदलना होगा। आमतौर पर हम जैसी चीजें चली आ रही हैं, उन्हीं के आदी हो जाते है। भगत सिंह ने हमेशा इस बात पर जोर दिया कि हमें कभी भी किसी चीजों का आदि नहीं बनना चाहिए और बदलाव से भयभीत नहीं होना चाहिए।
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भगत सिंह
भगत सिंह के अनुसार सच्चा बलिदान वही है जो जरुरत पड़ने पर सब कुछ त्याग दें। भगत सिंह ने कहा कि उन्हें भी जिंदगी से प्यार है और वो भी महत्वाकांक्षा, उम्मीद से भरें हुए है। परंतु जरूरत पड़ने पर वे यह सब कुछ त्याग सकते हैं। 
 
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bhagat singh - फोटो : सोशल मीडिया
हम व्यक्ति को मार सकते है परंतु उनके विचारों को कभी नहीं मार सकते हैं। विचार हमेशा अमर रहते है। स्वतंत्रता और क्रांति मानव जाति का जन्मसिद्ध अधिकार है और स्वतंत्र विचार और आलोचना क्रांतिकारी सोच के दो अहम हिस्से हैं।
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