Bada Mangal Life Management Lessons
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समस्या नहीं, समाधान स्वरूप बनें
हनुमान जी का चरित्र हमें सिखाता है कि जीवन में जब समाधान स्पष्ट न हो, तब भी हार मानने की बजाय विकल्प तलाशना चाहिए। जब लक्ष्मण जी मूर्छित हो गए और जीवन रक्षा के लिए संजीवनी बूटी की आवश्यकता पड़ी, तब हनुमान जी को वह बूटी पहचान में नहीं आई। लेकिन उन्होंने रुकने की बजाय पूरे पर्वत को ही उठा लिया। यह दिखाता है कि वे केवल समस्या को देखने वाले नहीं थे, बल्कि हर स्थिति में समाधान ढूंढने वाले योद्धा थे। यह गुण आज के समय में भी बेहद प्रासंगिक है। जब हालात कठिन हों, तो रोना नहीं, रास्ता ढूंढना चाहिए।