सही समय पर सही बात कहने की सीख
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सही समय पर सही बात कहने की सीख
आचार्य चाणक्य एक उदाहरण देते हुए बताते हैं कि कोयल पूरे वर्ष नहीं गाती, बल्कि बसंत ऋतु आने पर ही उसकी मधुर आवाज सुनाई देती है। इससे सीख मिलती है।
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