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इसलिए जल में देवी देवताओं की मूर्तियों को विसर्जित किया जाता है

Mon, 10 Oct 2016 03:39 PM IST
राकेश्ा झा / टीम डिजिटल, अमर उजाला, दिल्ली।
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दुर्गा पूजा - फोटो : getty images
दशहरे के द‌िन मां दुर्गा पृथ्वी से अपने लोक वापस जाती हैं। इसल‌िए नौ द‌िनों की पूजा के बाद दसमी त‌िथ‌ि को मां की प्रत‌िमा के साथ अन्य देवी-देवताओं की प्रत‌िमा को जल में वसर्ज‌ित कर द‌िया जाता है।
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जल में देवी-देवताओं की मूर्त‌ियों को क्यों व‌िसर्ज‌ित क‌िया जाता है?

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दुर्गा पूजा - फोटो : getty images
इसी तरह से हरेक देवी-देवता की पूजा के बाद उनकी प्रत‌िमा को जल में व‌िसर्ज‌ित करने का व‌िधान है। इसके पीछे कुछ ऐसी मान्यताएं हैं ज‌िसके कारण सद‌ियों से ऐसा होता आ रहा है। तो आइये जानें क‌ि मूर्त‌ियों को जल में क्यों व‌िसर्ज‌ित क‌िया जाता है।
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जल में देवी-देवताओं की मूर्त‌ियों को क्यों व‌िसर्ज‌ित क‌िया जाता है?

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दुर्गा व‌िसर्जन - फोटो : getty images
जल पंचतत्वों में से एक माना जाता है जो परम पव‌ित्र होता है। क‌िसी भी पूजा पाठ में जल हाथ में लेकर ही शुद्ध‌ि का मंत्र पढ़ा जाता है और इसे अपने शरीर और पूजन साम्रगी पर छ‌िड़का जाता है। प‌व‌ित्रता के कारण देवी देवताओं को जल में व‌िसर्ज‌ित क‌िया जाता है।

जल में देवी-देवताओं की मूर्त‌ियों को क्यों व‌िसर्ज‌ित क‌िया जाता है?

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दुर्गा पूजा - फोटो : getty images
शास्त्रों के अनुसार जल को ब्रह्म का स्वरूप कहा गया है। सृष्टि के आरंभ में और अंत में संपूर्ण सृष्टि में सिर्फ जल ही जल होता है। जल आरंभ, मध्य और अंत भी है इसल‌िए जल में त्र‌िदेवों का वास भी माना गया है। इसल‌िए देव कार्य में जल का प्रयोग क‌िया जाता है।
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जल में देवी-देवताओं की मूर्त‌ियों को क्यों व‌िसर्ज‌ित क‌िया जाता है?

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दुर्गा पूजा - फोटो : getty images
जल बुद्घि और ज्ञान का प्रतीक होता है। जल के स्वामी देवता वरुण हैं जो व‌िष्‍णु के ही अंश माने जाते हैं। इसल‌िए आद‌ि अनंत भगवान व‌िष्‍णु को देवी-देवताओं की मूर्त‌ियां समर्प‌ित कर द‌िया जाता है क्योंक‌ि पुराणों के अनुसार इनसे ही सृष्ट‌ि का जन्म हुआ है यही सृष्ट‌ि के अंत में सबकुछ अपने में समेट लेते हैं।
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जल में देवी-देवताओं की मूर्त‌ियों को क्यों व‌िसर्ज‌ित क‌िया जाता है?

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दुर्गा व‌‌िसर्जन - फोटो : getty images
जब जल में देव प्रतिमाओं को विसर्जित किया जाता है तो देवी देवताओं का अंश मूर्ति से निकलकर वापस अपने लोक को चला जाता है यानी परम ब्रह्म में लीन हो जाता है। यही कारण है कि मूर्तियों और निर्माल को जल में विसर्जित किया जाता है।
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जल में देवी-देवताओं की मूर्त‌ियों को क्यों व‌िसर्ज‌ित क‌िया जाता है?

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दुर्गा व‌िसर्जन - फोटो : getty images
सांसार‌िक दृष्ट‌ि से देखा जाए तो मूर्त‌ियों को जलाया नहीं जा सकता है इससे देवताओं का अपमान होता है। भूम‌ि में दबाने से मूर्तयों को खोदकर न‌िकाल ल‌िए जाने का डर रहता है। भूम‌ि में खेती या दूसरे कार्य से देवताओं की मू्र्त‌ियों को चोट लग सकती है। इन सभी स्‍थ‌ित‌ियों में भगवान अपमान‌ित होते हैं। जबक‌ि मर्त‌ियों को जल में प्रवाह‌ित कर देने से यह जल में घुल जाता है ज‌िससे देवताओं के ब्रह्मलीन होने की अनुभूत‌ि होती है।
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