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बाबा अमरनाथ का सबसे बड़ा राज, इसलिए नहीं है अमरनाथ ज्योतिर्लिंग

Fri, 15 Jul 2016 12:31 PM IST
राकेश्ा झा / टीम डिजिट, अमर उजाला, दिल्ली।
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बाबा अमरनाथ
अमरनाथ तीर्थ का नाम लेते ही एक ऐसी गुफा का ध्यान हो आता है जहां भगवान श‌िव और देवी पार्वती का न‌िवास माना जाता है। कश्मीर की मनोरम पहाड़‌ियों के बीच बसा यह गुफा न जाने क‌ितने रहस्यों को समेटे हुए है। कहते हैं क‌ि श‌िव पार्वती यहां आज भी एक कबूतर के रूप में वास करते हैं। इस गुफा में साल के कुछ महीनों में एक अद्भुत श‌िवल‌िंग प्रकट होता है जो ह‌िम का बना होता है। इसल‌िए बाबा अमरनाथ को भक्त बाबा बर्फानी के नाम से भी जाने जाते हैं।
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‌श‌िव पार्वती का है न‌िवास फ‌िर भी अमरनाथ ज्योत‌िर्ल‌िंग क्यों नहीं?

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अमरनाथ यात्रा - फोटो : PTI
अमरनाथ तीर्थ के बारे में कहा जाता है क‌ि यहां पर भगवान श‌िव ने देवी पार्वती को एक द‌िव्य कथा सुनाई थी ज‌िसे सुनने के बाद मृत्यु नहीं आती यानी व्यक्त‌ि अमर हो जाता है। इस घटना की याद द‌िलाने के ल‌िए अमरनाथ तीर्थ के यात्रा मार्ग में कई न‌िशान‌ियां मौजूद हैं। माना तो यह भी जाता है क‌ि जो व्यक्त‌ि अमरनाथ गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन करता है उसके पाप कट जाते हैं और व्यक्त‌ि को श‌िव लोक की प्राप्त‌ि होती है। इतनी खूब‌ियों और शक्त‌ियों के बावजूद अमरनाथ तीर्थ को ज्योत‌िर्ल‌िंग के रुप में मान्यता प्राप्त नहीं है। आइये जानें आख‌िर इसकी क्या वजह है।
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‌श‌िव पार्वती का है न‌िवास फ‌िर भी अमरनाथ ज्योत‌िर्ल‌िंग क्यों नहीं?

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ज्यो‌त‌िर्ल‌िंग
अमरनाथ ज्योत‌िर्ल‌िंग नहीं है इसे जनने से पहले यह भी जानना जरुरी है क‌ि ज्यो‌त‌िर्ल‌िंग कौन कौन हैं तो सबसे पहले इनके नाम जान लीज‌िए- सोमनाथ, मल्लिकार्जुन, महाकालेश्वर, ॐकारेश्वर, केदारनाथ, भीमाशंकर, काशी विश्वनाथ, त्रयम्बकेश्वर, वैद्यनाथ, नागेश्वर, रामेश्वर, घृष्णेश्वर। इन सभी ज्योत‌िर्ल‌िंगों में एक बात समान है जो अमरनाथ में नहीं है।

‌श‌िव पार्वती का है न‌िवास फ‌िर भी अमरनाथ ज्योत‌िर्ल‌िंग क्यों नहीं?

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बदरीनाथ केदारनाथ - फोटो : file photo
अमरनाथ श‌िवल‌िंग की उत्पत्त‌ि क‌िसी भक्त की श्रद्धा और भक्त‌ि से नहीं हुई है। अमरनाथ में श‌िव और देवी पार्वती अपनी इच्छा से अमर कथा सुनने सुनाने आए थे। ज‌िसका प्रतीक च‌िन्ह है ह‌िमल‌िंग। जबक‌ि सभी ज्योत‌िर्ल‌िंग श‌िव के भक्तों की प्रार्थना और तपस्या से प्रकट हुआ है जैसे सोमनाथ चन्द्रमा की तपस्या से, केदारनाथ भगवान व‌िष्‍णु के नर नारायण रूप की तपस्या से, रामेश्वरम भगवान श्री राम की तपस्या से।
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‌श‌िव पार्वती का है न‌िवास फ‌िर भी अमरनाथ ज्योत‌िर्ल‌िंग क्यों नहीं?

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amarnath yatra - फोटो : Amar Ujala
दूसरी बात जो सभी ज्योत‌िर्ल‌िंग में समान है वह यह है क‌ि सभी ज्योत‌िर्ल‌िंग न‌ित्य हैं यानी हमेशा कायम रहते हैं। जबक‌ि अमरनाथ में ऐसा नहीं है यहां कुछ समय के ल‌िए ही ह‌िम का ल‌िंग न‌िर्म‌ित होता है और व‌िलीन  हो जाता है। ज्योत‌िर्ल‌िंग होने की दूसरी शर्त यह है क‌ि ल‌िंग न‌ित्य और स्थायी होना चाह‌िए।
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बाबा बर्फानी का यह चित्र गुफा का सबसे ताजा चित्र बताया जा रहा है, हालांकि आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं हुई है। - फोटो : Amar Ujala
ज्योत‌िर्ल‌िंग के बारे में श‌िव पुराण में बताया गया है क‌ि यह भक्तों की भक्त‌ि से प्रकट होता है। सृष्ट‌ि में जब पहले बार भगवान श‌िव प्रकट हुए तो वह अनंत स्तभ वाले ज्योत‌ि रूप में प्रकट हुए थे। इसके आद‌ि अंत का पता भगवान व‌िष्‍णु और ब्रह्मा भी नहीं लगा पाए थे। उसी समय भगवान श‌िव ने कहा था क‌ि वह भक्तों के कल्याण के ल‌िए उनकी प्रार्थना पर प्रकट होंगे। जहां-जहां भगवान श‌िव इस तरह प्रकट हुए वह ज्योत‌िर्ल‌िंग कहलाया।
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amarnath cave - फोटो : Amar Ujala
ज्योर्त‌िल‌िंग की सबसे बड़ी बात यह है क‌ि यह साक्षात श‌िव स्वरूप होता है क्योंक‌ि और ऐसा भक्तों को द‌िए गए वरदान के कारण है जबक‌ि अमरनाथ ऐसा नहीं है वह श‌िव पार्वती का प्रतीक च‌िन्ह है। यह श‌िव का स्‍थायी न‌िवास न होकर अस्‍थायी न‌िवास है।
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