चातुर्मास में क्यों नहीं किए जाते मांगलिक कार्य?
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चातुर्मास में क्यों नहीं किए जाते मांगलिक कार्य?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चातुर्मास की अवधि भगवान विष्णु के योगनिद्रा में रहने से जुड़ी है। इस दौरान भक्त भगवान विष्णु की आराधना, व्रत और धार्मिक साधना करते हैं। मान्यता है कि इस समय विवाह, मुंडन, उपनयन संस्कार, गृह प्रवेश और नए वाहन जैसी शुभ गतिविधियों को टालना चाहिए। चातुर्मास के दौरान धार्मिक साधना और संयम को विशेष महत्व दिया जाता है। इसी कारण इस अवधि में मांगलिक आयोजनों के बजाय पूजा-पाठ और आध्यात्मिक कार्यों पर अधिक ध्यान दिया जाता है।