राम सीता
मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी को भगवान राम ने माता सीता के साथ विवाह किया था. श्रीराम विवाहोत्सव के रूप में मनाई जाने वाली इस तिथि को विवाह पंचमी भी कहते हैं. भगवान राम को चेतना और माता सीता को प्रकृति शक्ति का प्रतीक माना जाता है. चेतना और प्रकृति के मिलन की वजह से ही यह दिन महत्वपूर्ण हो जाता है. इस दिन भगवान राम और माता सीता का विवाह करवाने का भी बड़ा महत्व है. इस साल विवाह पंचमी 1 दिसंबर को मनाई जाएगी।