30 सितंबर को विजयदशमी का पर्व मनाया जाएगा। विजयदशमी के दिन भगवान राम के हाथों से रावण का अंत हुआ था। रावण एक महान पंडित होने के साथ ही भगवान शिव का परम भक्त भी था। उसको भगवान शिव ने कई वरदान दिए हुए थे। युद्ध में भगवान राम के हाथों मरने से पहले रावण ने भगवान राम के भाई लक्ष्मण जी को जीवन की कुछ जरुरी बातें बताई थी।
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लक्ष्मण रावण के पास गए तो रावण ने लक्ष्मण को तीन बातें बताई। रावण ने लक्ष्मण को बताया कि जब भी कोई शुभ कार्य करना हो तो उस काम को तुरंत कर लेना चाहिए। रावण ने कहा कि जैसे मैंने श्रीराम के शरण में आने में देरी कर दी।
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रावण ने लक्ष्मण को दूसरी बात बताईे कि अपने शत्रु को कभी कमजोर मत समझो जैसे मैनें राम को हमेशा समझा। रावण ने कहा कि मैंने ब्रह्माजी से वरदान मांगा था कि मनुष्य और वानर को छोड़कर कोई भी ना मार सके।
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रावण ने लक्ष्मण को तीसरी बात ये बताई कि अपने जीवन का कोई राज हो तो उसे किसी को भी नहीं बताना चाहिए, क्योंकि विभीषण मेरी मृत्यु का राज जानता था। ये मेरे जीवन की सबसे बड़ी गलती थी।