वट सावित्री पूजा
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वट सावित्री व्रत की कथा
पौराणिक कथा के अनुसार, सावित्री एक पतिव्रता स्त्री थीं जिनके पति सत्यवान अल्पायु थे। जब यमराज उनके प्राण लेने आए, तो सावित्री ने उनका पीछा किया और अपने तर्क, भक्ति और प्रेम से उन्हें इतना प्रभावित किया कि यमराज को न केवल सत्यवान के प्राण लौटाने पड़े, बल्कि उन्हें सौ पुत्रों का आशीर्वाद भी देना पड़ा। जिस स्थान पर यह चमत्कार घटित हुआ, वह वट वृक्ष के नीचे था। इसी वजह से वट वृक्ष की पूजा विशेष मानी जाती है, इसकी शाखाओं को ‘सावित्री स्वरूप’ मानकर स्त्रियां श्रद्धापूर्वक इसकी पूजा करती हैं।
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