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Vat Savitri Vrat 2022: वट सावित्री व्रत आज, पहली बार रखने जा रही हैं व्रत, तो जान लें कुछ जरूरी नियम

Mon, 30 May 2022 09:24 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजला, नई दिल्ली

सार

आज वट सावित्री का व्रत रखा जा रहा है। ज्येष्ठ अमावस्या तिथि को अखंड सौभाग्य एवं सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए सुहागिन महिलाएं वट सावित्री व्रत रखती हैं।
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पहली बार रखने जा रही हैं वट सावित्री व्रत, तो जान लें कुछ जरूरी नियम - फोटो : amar ujala
Vat Savitri Vrat:  आज पूरे देश में अखंड सौभाग्यवती की कामना के लिए वट सावित्री व्रत रखा जा रहा है। हिंदू धर्म में परिवार की सुख-समृद्धि और अच्छे भविष्य के लिए सुहागिन महिलाएं कई तरह के सालभर व्रत और उपवास रखती हैं, जिसमें ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि पर वट सावित्री व्रत प्रमुख है। इस साल 30 मई 2022 दिन सोमवार को वट सावित्री व्रत रखा जा रहा है। हर साल ये व्रत ज्येष्ठ अमावस्या के दिन रखा जाता है। ज्येष्ठ अमावस्या तिथि को अखंड सौभाग्य एवं सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए सुहागिन महिलाएं वट सावित्री व्रत रखती हैं। धार्मिक मान्यता है कि ज्येष्ठ अमावस्या के दिन ही सावित्री ने यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण बचाए थे। इस पौराणिक घटना के बाद से सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए हर साल ज्येष्ठ अमावस्या को वट सावित्री व्रत रखती हैं। इस दिन महिलाएं बरगद के पेड़ की पूजा करती हैं, उसकी परिक्रमा करती हैं और उसके चारों ओर कलावा बांधती हैं। ऐसी मान्यता है कि इस व्रत को पूरी श्रद्धा से रखने पर पति की लंबी आयु व संतान प्राप्ति फलित होती है। कुछ महिलाएं ऐसी भी होंगी जो इस साल पहली बार वट सावित्री व्रत रखने जा रही होंगी। यदि आप भी पहली बार इस व्रत को रखने जा रही हैं तो कुछ जरूरी नियम हैं, जिन्हें आपको जान लेना चाहिए। चलिए जानते हैं उन नियमों के बारे में... 
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पहली बार रखने जा रही हैं वट सावित्री व्रत, तो जान लें कुछ जरूरी नियम - फोटो : amar ujala
वट सावित्री व्रत तिथि
30 मई, 2022, सोमवार
अमावस्या तिथि प्रारंभ: 29 मई, 2022, दोपहर 02:54 बजे से 
अमावस्या तिथि का समापन: 30 मई, 2022, सांय 04:59 बजे
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पहली बार रखने जा रही हैं वट सावित्री व्रत, तो जान लें कुछ जरूरी नियम - फोटो : amar ujala
वट सावित्री व्रत के नियम
यदि आप पहली बार वट सावित्री व्रत रखने जा रही हैं तो 30 मई को सबसे पहले स्नान के बाद लाल रंग की साड़ी पहनें और श्रृंगार आदि कर लें। इसके बाद पूजा घर और वट वृक्ष के नीचे पूजा स्थान की साफ सफाई करें। फिर उसे गंगाजल छिड़कर पवित्र कर लें। 

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पहली बार रखने जा रही हैं वट सावित्री व्रत, तो जान लें कुछ जरूरी नियम - फोटो : iStock
दो बांस वाली टोकरी लेकर एक में सप्तधान्य (7 प्रकार के अनाज ) भर लें और उसमें बह्मा जी का मूर्ति को स्थापित कर दें। दूसरी टोकरी में भी सप्तधान्य भरकर सावित्री और सत्यवान की मूर्ति स्थापित करें और इस टोकरी को पहली टोकरी के बाएं रखें। 
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पहली बार रखने जा रही हैं वट सावित्री व्रत, तो जान लें कुछ जरूरी नियम - फोटो : iStock
इसके बाद इन दोनों टोकरी वट वृक्ष के नीचे ले जाकर स्थापित कर दें। अब विधि विधान से पूजा करें और पूजा के समय वट वृक्ष की जड़ को जल अर्पित करें और उसकी चारों ओर 7 बार कच्चा धागा लपेटें। इसके बाद वट वृक्ष की परिक्रमा जरूर करें। 
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पहली बार रखने जा रही हैं वट सावित्री व्रत, तो जान लें कुछ जरूरी नियम - फोटो : iStock
वट वृक्ष के पत्तों की माला बनाकर पहनें और वट सावित्री व्रत कथा जरूर सुनें। वहीं चने का बायना और कुछ पैसे अपनी सास को देकर उनसे आशीर्वाद प्राप्त करें।
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पहली बार रखने जा रही हैं वट सावित्री व्रत, तो जान लें कुछ जरूरी नियम - फोटो : iStock
इसके अलावा फल, अनाज, कपड़ा आदि एक टोकरी में रखकर किसी बाह्मण को दान करें। मान्यता है कि इस व्रत का पारण 11 भीगे हुए चने खाकर किया जाता है।
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पहली बार रखने जा रही हैं वट सावित्री व्रत, तो जान लें कुछ जरूरी नियम - फोटो : iStock
वट सावित्री व्रत 2022 मुहूर्त
ज्येष्ठ अमावस्या की शुरुआत: 29 मई, रविवार, दोपहर 02:54 बजे से
ज्येष्ठ अमावस्या की समाप्ति: 30 मई, सोमवार, शाम 04:59 बजे
सुकर्मा योग: सुबह से लेकर रात 11:39 बजे तक
सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 07:12 बजे से पूरे दिन
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