पुराणों में कहा गया है कि न माधवसमो मासो न कृतेन युगं समम्। न च वेदसमं शास्त्रं न तीर्थं गंगया समम्। जिसका अर्थ है कि वैशाख के समान कोई महीना नहीं है, सत्ययुग के समान कोई युग नहीं है, वेद के समान कोई शास्त्र नहीं है और गंगाजी के समान कोई तीर्थ नहीं है।नारद जी के अनुसार, इस माह को ब्रह्मा जी ने सभी माह में श्रेष्ठ बताया है। विशाखा नक्षत्र से सम्बन्ध होने के कारण इसका नाम वैशाख पड़ा। इस महीने में भगवान विष्णु, भोलेनाथ,परशुराम और देवी की उपासना विशेष रूप से की जाती है। शास्त्रों के अनुसार इस महीने में किए गए पुण्य कार्यों का फल कई जन्मों तक मिलता है।मान्यता है कि वैशाख मास में कुछ धार्मिक उपाय करने से भगवान विष्णु आप पर अपनी पूर्ण कृपादृष्टि बनाए रखते हैं।
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भगवान विष्णु
- फोटो : अमर उजाला।
ब्रह्म मुहूर्त में स्नान
भगवान विष्णु को प्रसन्न करने वाला इसके समान दूसरा कोई माह नहीं है,जो वैशाख मास में सूर्योदय से पहले स्नान करता है,उससे भगवान विष्णु सदा संतुष्ट रहते हैं। वैशाख माह में सब तीर्थ, देवता आदि बाहर के जल अर्थार्त सामन्य नदी तालाबों में भी सदैव स्थित रहते हैं। विष्णुजी की आज्ञा से मानव का कल्याण करने के लिए वे सूर्योदय से लेकर छह दंड के भीतर सभी देव उपस्थित रहते हैं। इस मास में व्रत, पूजा, दान करने एवं किसी पवित्र नदी या सरोवर में स्नान करने पर धन और पुण्य की प्राप्ति होती है।
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- फोटो : Pixabay
उगते हुए सूर्य अर्घ्य
पुराणों के अनुसार पूजा, तपस्या, यज्ञ आदि से भगवान विष्णु को उतनी प्रसन्नता नहीं होती,जितनी कि प्रातः स्नान कर जगत को प्रकाश देने वाले भगवान सूर्य को अर्घ्य देने से होती है ।इसलिए पूर्व जन्म और इस जन्म के सभी पापों से मुक्ति और भगवान सूर्य नारायण की कृपा प्राप्त करने के लिए प्रत्येक मनुष्य को नियमित सूर्य मंत्र का उच्चारण करते हुए सूर्य को अर्घ्य अवश्य प्रदान करना चाहिए।
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maa laxmi
- फोटो : istock
इन मंत्रों का करें जाप
वैशाख माह नें लाभ प्राप्ति के लिए विभिन्न मंत्रों के जाप का महत्व होता है। जैसे आर्थिक लाभ के लिए ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीवासुदेवाय नमः का जाप करें। संतान प्राप्ति के लिए ॐ क्लीं कृष्णाय नमः और सर्वकल्याण के लिए ॐ नमो नारायणाय का जाप करें।
दान करना है उत्तम
वैशाख माह में अन्न, जल, दूध, फल, चावल, जूते और छाता दान करने से अक्षय पुण्यों की प्राप्ति होती है। गरीबों, साधु, महात्मा तथा ब्राह्मणों को भोजन करवाना चाहिए और उन्हें जरूरत की वस्तुएं दान करनी चाहिए। मान्यता है कि इस माह में दान करने से गरीबी से मुक्ति मिलती है। माना जाता है कि जितना पुण्य सब दानों से मिल कर होता है और जो फल सब तीर्थों के दर्शन से मिलता है, उसके बराबर पुण्य और फल की प्राप्ति वैशाख मास में केवल जलदान से हो जाती है। इसलिए इस माह में प्याऊ खुलवाना श्रेष्ठ माना गया है।
वृक्ष लगाना है शुभ
इस महीने में छायादार वृक्ष जैसे आम,नीम,पीपल,बरगद आदि लगाने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं।इसके अलावा पशु-पक्षियों को चारा,दाना-पानी की व्यवस्था करने से ग्रह दोष दूर होते हैं।