पुराणों में कहा गया है कि न माधवसमो मासो न कृतेन युगं समम्। न च वेदसमं शास्त्रं न तीर्थं गंगया समम्। जिसका अर्थ है कि वैशाख के समान कोई महीना नहीं है, सत्ययुग के समान कोई युग नहीं है, वेद के समान कोई शास्त्र नहीं है और गंगाजी के समान कोई तीर्थ नहीं है।नारद जी के अनुसार, इस माह को ब्रह्मा जी ने सभी माह में श्रेष्ठ बताया है। विशाखा नक्षत्र से सम्बन्ध होने के कारण इसका नाम वैशाख पड़ा। इस महीने में भगवान विष्णु, भोलेनाथ,परशुराम और देवी की उपासना विशेष रूप से की जाती है। शास्त्रों के अनुसार इस महीने में किए गए पुण्य कार्यों का फल कई जन्मों तक मिलता है।मान्यता है कि वैशाख मास में कुछ धार्मिक उपाय करने से भगवान विष्णु आप पर अपनी पूर्ण कृपादृष्टि बनाए रखते हैं।