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तुलसी का पौधा: भूलकर भी इस तरह न तोड़े तुलसी पत्र, जानिए जरूरी नियम और महत्व

Sat, 10 Jul 2021 08:00 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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जिन घरों में रोजाना तुलसी की पूजा होती है वहां कभी यमदूत प्रवेश नहीं करते। इसके साथ ही घर की सुख-समृद्धि बनी रहती है।
हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को बहुत ही पवित्र माना गया है। प्रत्येक हिंदू परिवार के घर पर तुलसी का पौधा अवश्य ही लगा होता है। हर एक पूजा या अनुष्ठान में तुलसी पत्र को जरूर ही शामिल किया जाता है। भगवान विष्णु को जो इस जगत के संचालक हैं उन्हें तुलसी बहुत ही प्रिय होती है। तुलसी के बिना कोई भी धार्मिक अनुष्ठान पूरा नहीं माना जाता है। न सिर्फ धार्मिक नजरिए से तुलसी का इतना महत्व है बल्कि इसमें औषधीय गुण होने के कारण इस पौधे का विशेष महत्व है।

धार्मिक महत्व
भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की कोई भी पूजा तुलसी दल के बिना पूरी नहीं मानी जाती है। वहीं हनुमान जी को भी भोग में तुलसी दल बहुत ही प्रिय होती है। पुराणों में बताया गया है मृत्यु के समय गंगाजल संग तुलसी के पत्ते लेने से आत्मा को शान्ति और स्वर्ग की प्राप्ति होती है। पूजा में कभी भी तुलसी के पत्ते और गंगाजल को बासी नहीं माना जाता। ये दोनों चीजें किसी भी परिस्थिति में बासी और अपवित्र नहीं मानी जाती। माना जाता है कि जिन घरों में रोजाना तुलसी की पूजा होती है वहां कभी यमदूत प्रवेश नहीं करते। इसके साथ ही घर की सुख-समृद्धि बनी रहती है।
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तुलसी की खेती - फोटो : सोशल मीडिया
क्या है वैज्ञानिक महत्व
तुलसी के पौधे में एंटीबायोटिक गुण होते हैं जो संक्रमण से लड़ने में शरीर को सक्षम बनाते हैं। जहां तुलसी का पौधा लगा हुआ होता है वहां के आस-पास की हवा शुद्ध हो जाती है। तुलसी के नियमित सेवन से शरीर में ऊर्जा का प्रवाह होता है और व्यक्ति की आयु बढ़ती है। संक्रामक रोगों से निपटने के लिए तुलसी बहुत कारगर उपाय है।
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तुलसी के पत्ते तोड़ने के नियम
  • वास्तु के अनुसार तुलसी को हमेशा घर के उत्तर और पूर्व दिशा में लगाना चाहिए। दक्षिण दिशा और रसोईघर के पास कभी भी तुलसी का पौधा नहीं लगाना चाहिए।
  • भगवान विष्णु को तो तुलसी बेहत प्रिय होती है लेकिन भोलेभंडारी और उनके पुत्र भगवान गणेश को कभी भी तुलसी पत्र नहीं चढ़ाना चाहिए।
  • तुलसी के पौधे और उसकी पत्तियों को कभी भी बिना स्नान के न ही छूना चाहिए और न ही तोड़ना चाहिए।
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तुलसी पौधा - फोटो : अमर उजाला
तुलसी के पत्ते तोड़ने के नियम
  • जब भी तुलसी के पत्ते तोड़े तो उसे नाखून के बजाय उंगलियों के पोरों से तोड़ना चाहिए। नाखून से तुलसी पत्र तोड़ने पर दोष लगता है।
  • किसी कारण से अगर घर पर लगी तुलसी सूख जाये तो उसे किसी नदी में प्रवाहित कर देने चाहिए या फिर जमीन में दफना देना चाहिए। कभी भी तुलसी के पौधे को इधर-उधर नहीं फेंकना चाहिए।
  • रविवार के दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ना चाहिए। रविवार का दिन भगवान विष्णु का सबसे प्रिय दिन माना जाता है। इसके अलावा तुलसी भगवान विष्णु को प्रिय होती है इसलिए रविवार के दिन तुलसी नहीं तोड़नी चाहिए।
  • एकादशी, संक्रान्ति, सूर्य ग्रहण, चंद्र ग्रहण और शाम के समय में तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए। 
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