आने वाले 10 जून को वट सावित्री व्रत, शनि जयंती और सूर्यग्रहण तीनों प्रमुख घटनाएं एक साथ होने वाली हैं। ऐसे में 10 जून का दिन खास रहने वाला है। सनातन धर्म और ज्योतिष में ग्रहण की घटना का विशेष महत्व होता है। शास्त्रों के अनुसार जब भी ग्रहण लगता है तो इस दौरान कुछ समय के लिए शुभ और मांगलिक कार्य वर्जित हो जाते हैं। सूर्यग्रहण के 12 घंटे पहले और चंद्रग्रहण के 9 घंटे पहले सूतककाल लग जाता है। सूरतकाल को अशुभ माना गया है। ऐसे में इस दौरान पूजा,अनुष्ठान और कई तरह के शुभ कार्य रूक जाते हैं। अब इस बार 10 जून को शनि जयंती और वट सावित्री व्रत है और इसके साथ सूर्यग्रहण भी लग रहा है। ऐसे में अब यह सवाल पैदा हो रहा है कि क्या ग्रहण में शनि जयंती की पूजा और वट सावित्री व्रत रखा जा सकेगा या नहीं। आइए जानते हैं।