सूतक काल के समय खाना-पीना, सोना, नाखून काटना और भोजन पकाना आदि कार्य करना अशुभ माना जाता है। इस दौरान झूठ बोलने, छल-कपट और मूत्र विसर्जन नहीं करना चाहिए। सूतक काल में बच्चे, बूढ़े तथा प्रेग्नेंट महिला भोजन कर सकती है। सूतक काल के समय अचार, मुरब्बा, दूध, दही और अन्य खाद पदार्थों में तुलसी पत्र डाल देने से वह खराब नहीं होते हैं।