पौष अमावस्या गुरवार, 26 दिसंबर को है। धार्मिक रूप से यह तिथि बेहद शुभ मानी जाती है। पौष अमावस्या तिथि को पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण व श्राद्ध करने का विधान है। वहीं पितृ दोष और कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए इस दिन उपवास रखा जाता है। इस दिन गंगा में डुबकी लगाने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस वर्ष पौष अमावस्या के दिन धनु राशि में सूर्य ग्रहण भी लग रहा है, जिस वजह से इस तिथि का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। आइए, अगली स्लाइड्स में जानते हैं व्रत विधि और नियम।