सुंदरकांड पाठ के लाभ और नियम
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सुंदरकांड पाठ के नियम
सुंदरकांड का पाठ ब्रह्म मुहूर्त या संध्या के समय करना चाहिए।
इसका पाठ दोपहर में नहीं करना चाहिए।
सुंदरकांड के बीच में नहीं उठना चाहिए और न ही किसी से बातचीत करनी चाहिए।
ब्रह्मचर्य का पालन करें। खाने में तामसिक चीजों का प्रयोग न करें।