फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शिव के इस एक मजाक के कारण सिंह बना देवी का वाहन

विज्ञापन
1 of 7
तस्वीर और प्रतिमाओं में आपने  देखा होगा कि देवी मां सिंह पर सवार रहती हैं क्योंकि यह उनका वाहन है। लेकिन शायद ही आप यह जानते होंगे कि यह कैसे बना देवी का वाहन।
विज्ञापन

श‌िव के इस एक मजाक के कारण स‌िंह बना देवी का वाहन

2 of 7
श‌िव को पत‌ि रूप में पाने के ल‌िए देवी पार्वती ने हजारों वर्ष तक तपस्या की। तपस्या से देवी सांवली हो गई। भगवान श‌िव से व‌िवाह के बाद एक द‌िन जब श‌िव पार्वती साथ बैठे थे तब भगवान श‌िव ने पार्वती से मजाक करते हुए काली कह द‌िया।
विज्ञापन

श‌िव के इस एक मजाक के कारण स‌िंह बना देवी का वाहन

3 of 7
देवी पार्वती को श‌िव की यह बात चुभ गई और कैलाश छोड़कर वापस तपस्या करने में लीन हो गई। इस बीच एक भूखा शेर देवी को खाने की इच्छा से वहां पहुंचा। ले‌क‌िन तपस्या में लीन देवी को देखकर वह चुपचाप बैठ गया।

श‌िव के इस एक मजाक के कारण स‌िंह बना देवी का वाहन

4 of 7
शेर सोचने लगा क‌ि देवी कब तपस्या से उठे और वह उन्हें अपना आहार बना ले। इस बीच कई साल बीत गए लेक‌िन शेर अपनी जगह डटा रहा।
विज्ञापन

श‌िव के इस एक मजाक के कारण स‌िंह बना देवी का वाहन

5 of 7
इस बीच देवी पार्वती की तपस्या पूरी होने पर भगवान श‌िव प्रकट हुए और पार्वती गौरवर्ण यानी गोरी होने का वरदान द‌िया।
विज्ञापन

श‌िव के इस एक मजाक के कारण स‌िंह बना देवी का वाहन

6 of 7
इस बाद देवी पार्वती ने गंगा स्नान क‌िया और उनके शरीर से एक सांवली देवी प्रकट हुई जो कौश‌िकी कहलायी और गौरवर्ण हो जाने के कारण देवी पार्वती गौरी कहलाने लगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

श‌िव के इस एक मजाक के कारण स‌िंह बना देवी का वाहन

7 of 7
देवी पार्वती ने उस स‌िंह को अपना वाहन बना ल‌िया जो उन्हें खाने के ल‌िए बैठा था। इसका कारण यह था क‌ि स‌िंह ने देवी को खाने की प्रत‌िक्षा में उन पर नजर ट‌िकाए रखकर वर्षो तक उनका ध्यान क‌िया था। देवी ने इसे स‌िंह की तपस्या मान ल‌िया और अपनी सेवा में ले ल‌िया। इसल‌िए देवी पार्वती के स‌िंह और वृष दोनों वाहन माने जाते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें