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Somwar Ke Upay: सोमवार के दिन जरूर करें यह एक उपाय, भगवान शिव की कृपा से बनेंगे सभी अटके काम

Mon, 01 Sep 2025 06:27 AM IST
मेघा कुमारी धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Somwar Ke Upay: वर्तमान में चातुर्मास जारी है और इस अवधि में पूरी सृष्टि का संचालन महादेव के हाथों में होता है। इसलिए इस समय प्रभु की पूजा-अर्चना से साधक को विशेष फलों की प्राप्ति होती हैं। 
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Somwar Ke Upay - फोटो : adobe
Somwar Ke Upay: वर्तमान में चातुर्मास जारी है और इस अवधि में पूरी सृष्टि का संचालन महादेव के हाथों में होता है। इसलिए इस समय प्रभु की पूजा-अर्चना से साधक को विशेष फलों की प्राप्ति होती हैं। इस दौरान आने वाले सोमवार का भी विशेष महत्व होता है। यह सभी भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए सबसे खास अवसर माने जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक सोमवार शिव जी की पूजा-अर्चना को समर्पित है। इस दिन शिवलिंग पर कच्चा दूध और शहद चढ़ाने से वह प्रसन्न होते हैं। इसके अलावा रोग और तनाव से भी साधक को राहत मिलती हैं। अब चूंकि सोमवार सप्ताह का पहला दिन है, इसलिए इस दिन किए गए पुण्य कार्य के प्रभाव से पूरे सप्ताह सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती हैं। हालांकि, इस दिन शिव चालीसा पाठ करने से मन से सभी तरह के डर भय की समाप्ति होती हैं। ऐसे में आइए इस शक्तिशाली पाठ और उससे मिलने वाले लाभ को जानते हैं।
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Somwar Ke Upay - फोटो : freepik
शिव चालीसा पाठ के लाभ
  • मानसिक शांति की प्राप्ति ।
  • मन से सभी डर-भय दूर होते हैं।
  • सेहत में सुधार होता है।
  • वैवाहिक जीवन सुखमय।
  • मनचाहा जीवनसाथी।
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Somwar Ke Upay - फोटो : adobe
  • जीवन में सकारात्मकता का संचार होता है। 
  • नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
  • साधक के आत्मविश्वास में वृद्धि।
  • मन में स्थिरता बनी रहती हैं।
  • जाने-अनजाने में हुए पाप से मुक्ति।
  • धन लाभ।
  • विवाह बाधाएं दूर।
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Somwar Ke Upay - फोटो : adobe

शिव चालीसा पाठ (Shiv Chalisa Path / Shiv Chalisa Lyriscs in Hindi)
 

।।दोहा।।

श्री गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान।
कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥
  
जय गिरिजा पति दीन दयाला। सदा करत संतन प्रतिपाला॥
भाल चंद्रमा सोहत नीके। कानन कुंडल नागफनी के॥
अंग गौर शिर गंग बहाये। मुंडमाल तन छार लगाये॥
वस्त्र खाल बाघंबर सोहे। छवि को देख नाग मुनि मोहे॥
मैना मातु की ह्वै दुलारी। बाम अंग सोहत छवि न्यारी॥
कर त्रिशूल सोहत छवि भारी। करत सदा शत्रुन क्षयकारी॥
नंदि गणेश सोहै तहं कैसे। सागर मध्य कमल हैं जैसे॥
कार्तिक श्याम और गणराऊ। या छवि को कहि जात न काऊ॥
देवन जबहीं जाय पुकारा। तब ही दुख प्रभु आप निवारा॥
किया उपद्रव तारक भारी। देवन सब मिलि तुमहिं जुहारी॥
तुरत षडानन आप पठायउ। लवनिमेष महं मारि गिरायउ॥
आप जलंधर असुर संहारा। सुयश तुम्हार विदित संसारा॥
त्रिपुरासुर सन युद्ध मचाई। सबहिं कृपा कर लीन बचाई॥
किया तपहिं भागीरथ भारी। पुरब प्रतिज्ञा तसु पुरारी॥
दानिन महं तुम सम कोउ नाहीं। सेवक स्तुति करत सदाहीं॥
वेद नाम महिमा तव गाई। अकथ अनादि भेद नहिं पाई॥
प्रगट उदधि मंथन में ज्वाला। जरे सुरासुर भये विहाला॥
कीन्ह दया तहं करी सहाई। नीलकंठ तब नाम कहाई॥
पूजन रामचंद्र जब कीन्हा। जीत के लंक विभीषण दीन्हा॥
सहस कमल में हो रहे धारी। कीन्ह परीक्षा तबहिं पुरारी॥
एक कमल प्रभु राखेउ जोई। कमल नयन पूजन चहं सोई॥
कठिन भक्ति देखी प्रभु शंकर। भये प्रसन्न दिए इच्छित वर॥
जय जय जय अनंत अविनाशी। करत कृपा सब के घटवासी॥
दुष्ट सकल नित मोहि सतावै । भ्रमत रहे मोहि चैन न आवै॥
त्राहि त्राहि मैं नाथ पुकारो। यहि अवसर मोहि आन उबारो॥
लै त्रिशूल शत्रुन को मारो। संकट से मोहि आन उबारो॥
मातु पिता भ्राता सब कोई। संकट में पूछत नहिं कोई॥
स्वामी एक है आस तुम्हारी। आय हरहु अब संकट भारी॥
धन निर्धन को देत सदाहीं। जो कोई जांचे वो फल पाहीं॥
अस्तुति केहि विधि करौं तुम्हारी। क्षमहु नाथ अब चूक हमारी॥
शंकर हो संकट के नाशन। मंगल कारण विघ्न विनाशन॥
योगी यति मुनि ध्यान लगावैं। नारद शारद शीश नवावैं॥
नमो नमो जय नमो शिवाय। सुर ब्रह्मादिक पार न पाय॥
जो यह पाठ करे मन लाई। ता पार होत है शंभु सहाई॥
ॠनिया जो कोई हो अधिकारी। पाठ करे सो पावन हारी॥
पुत्र हीन कर इच्छा कोई। निश्चय शिव प्रसाद तेहि होई॥
पंडित त्रयोदशी को लावे। ध्यान पूर्वक होम करावे ॥
त्रयोदशी ब्रत करे हमेशा। तन नहीं ताके रहे कलेशा॥
धूप दीप नैवेद्य चढ़ावे। शंकर सम्मुख पाठ सुनावे॥
जन्म जन्म के पाप नसावे। अन्तवास शिवपुर में पावे॥
कहे अयोध्या आस तुम्हारी। जानि सकल दुःख हरहु हमारी॥
 
॥दोहा॥
नित्त नेम कर प्रातः ही, पाठ करौं चालीसा।
तुम मेरी मनोकामना, पूर्ण करो जगदीश॥
मगसर छठि हेमंत ॠतु, संवत चौसठ जान।
अस्तुति चालीसा शिवहि, पूर्ण कीन कल्याण॥ 

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

 

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