तर्पण कर्म करते वक्त अंगूठे से ही पिंड पर जलांजलि दी जाती है।
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क्या है पिंड: मृतक की आत्मा को अर्पित करने के लिए जौ अथवा चावल के आटे को गूंथ कर बनाई गई गोलाकृति को पिंड कहा जाता है।
ब्राह्मण भोज जरूरी: पितृ पक्ष में ब्राह्मण भोज जरूरी है। यदि ब्राहमण भोजन न करा सकें तो भोजन का सामान ब्राहमण को भेंट करें।
जलांजलि में अंगूठे का महत्व : तर्पण कर्म करते वक्त अंगूठे से ही पिंड पर जलांजलि दी जाती है। कहा गया है कि अंगूठे के जरिए दी गई जलांजलि सीधे पितरों तक पहुंचती है।