शिवलिंग की परिक्रमा के नियम
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परिक्रमा करते समय किन नियमों का पालन करें
शास्त्रों के अनुसार, यदि सोमसूत्र को तृण, लकड़ी, पत्ते, पत्थर या ईंट जैसे किसी आवरण से ढका हो, तो इसका उल्लंघन दोष नहीं देता। शिवलिंग की परिक्रमा हमेशा बाईं ओर से शुरू करनी चाहिए। जलाधारी (जल वाले हिस्से) के सामने से चलते हुए परिक्रमा करनी होती है। जल स्रोत तक पहुंचकर फिर विपरीत दिशा में लौटते हुए पूरी परिक्रमा पूरी करनी चाहिए।
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