फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Navratri Mantra-Shlok: नवरात्रि में करें मां दुर्गा के इन मंत्रों और श्लोकों का जाप, जानें सही समय और नियम

Mon, 12 Oct 2026 10:48 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Navratri Mantra 2026: शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा के साथ मंत्रों और श्लोकों के जाप का विशेष महत्व माना जाता है। आइए जानते हैं मां दुर्गा के प्रमुख मंत्र, श्लोक, जाप का सही समय और इससे जुड़े जरूरी नियम।

विज्ञापन
मां दुर्गा मंत्र जाप - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

Navratri 2026 Mantra-Shlok: शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। इन नौ दिनों में माता रानी के मंत्रों और स्तुति का पाठ करना विशेष फलदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्रद्धा और एकाग्रता के साथ देवी मंत्रों का जाप करने से मन को शांति मिलती है और भक्तों को मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त होता है। नवरात्रि में आप दुर्गा बीज मंत्र, दुर्गा गायत्री मंत्र और 'या देवी सर्वभूतेषु' जैसे प्रसिद्ध श्लोकों का पाठ कर सकते हैं। आइए जानते हैं मां दुर्गा के प्रमुख मंत्र, नौ देवियों के मंत्र और जाप करने की सही विधि।

विज्ञापन

2 of 5
नवरात्रि में करें नवार्ण मंत्र का जाप - फोटो : AI

नवरात्रि में मां दुर्गा के प्रमुख मंत्र
नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा की आराधना के लिए कई मंत्रों का जाप किया जाता है। आप अपनी श्रद्धा और सुविधा के अनुसार इनमें से किसी मंत्र का नियमित जाप कर सकते हैं।

1. मां दुर्गा का बीज मंत्र

ॐ दुं दुर्गायै नमः॥

2. दुर्गा नवार्ण मंत्र

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे॥

3. मां दुर्गा का गायत्री मंत्र

ॐ गिरिजायै च विद्महे शिवप्रियायै च धीमहि। तन्नो दुर्गा प्रचोदयात्॥

4. मां दुर्गा का अष्टाक्षर मंत्र

ॐ ह्रीं दुं दुर्गायै नमः॥

विज्ञापन
विज्ञापन

3 of 5
Durga Mantra Jaap - फोटो : amar ujala

मां दुर्गा का ध्यान मंत्र

ॐ जटाजूटसमायुक्तामर्धेन्दुकृतलक्षणाम्।
लोचनत्रयसंयुक्तां पद्मेन्दुसद्यशाननाम्॥

नवरात्रि के नौ दिनों में नौ देवियों के मंत्र

  • पहला दिन — मां शैलपुत्री: ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः॥
  • दूसरा दिन — मां ब्रह्मचारिणी: ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः॥
  • तीसरा दिन — मां चंद्रघंटा: ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः॥
  • चौथा दिन — मां कूष्मांडा: ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः॥
  • पांचवां दिन — मां स्कंदमाता: ॐ देवी स्कन्दमातायै नमः॥
  • छठा दिन — मां कात्यायनी: ॐ देवी कात्यायन्यै नमः॥
  • सातवां दिन — मां कालरात्रि: ॐ देवी कालरात्र्यै नमः॥
  • आठवां दिन — मां महागौरी: ॐ देवी महागौर्यै नमः॥
  • नौवां दिन — मां सिद्धिदात्री: ॐ देवी सिद्धिदात्र्यै नमः॥

4 of 5
Shardiya Navratri Durga Mantra Jaap - फोटो : amar ujala

शक्ति रूप में देवी की स्तुति

या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

लक्ष्मी रूप में देवी की स्तुति

या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मीरूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

मातृ रूप में देवी की स्तुति

या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

बुद्धि रूप में देवी की स्तुति

या देवी सर्वभूतेषु बुद्धिरूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

शांति रूप में देवी की स्तुति
या देवी सर्वभूतेषु शान्तिरूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तुते॥

  •  
विज्ञापन

5 of 5
Shardiya Navratri 2024 Durga Mantra Jaap - फोटो : amar ujala

नवरात्रि में मंत्र जाप करने का सही समय

  • सुबह का समय: स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनकर पूजा करें और मंत्रों का जाप करें।
  • संध्या का समय: शाम को दीपक जलाकर मां दुर्गा का ध्यान करें और अपनी श्रद्धा के अनुसार मंत्र पढ़ें।
  • पूजा का स्थान: घर के मंदिर या किसी स्वच्छ और शांत स्थान पर बैठकर जाप करें।
  • दिशा: परंपरागत मान्यताओं के अनुसार, पूजा के समय पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठना शुभ माना जाता है।
  • माला का प्रयोग: चाहें तो मंत्र जाप के लिए रुद्राक्ष या कमलगट्टे की माला का उपयोग कर सकते हैं। माला का चयन अपनी पूजा परंपरा के अनुसार करें।
  • एकाग्रता और श्रद्धा: जाप करते समय जल्दबाजी न करें। मंत्रों का उच्चारण अपनी क्षमता के अनुसार स्पष्ट रूप से करें और मन को शांत रखने का प्रयास करें।
 
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
विज्ञापन
Next