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Maha Saptami 2022: नवरात्रि का सातवां दिन है मां कालरात्रि को समर्पित, सुख-सौभाग्य के लिए ऐसे करें पूजा

Sun, 02 Oct 2022 09:28 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सातवां स्वरूप मां कालरात्रि - फोटो : amar ujala
Shardiya Navratri 2022 7th Day Maa Kalratri Puja Vidhi: शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व चल रहा है। आज यानी 02 अक्टूबर को शारदीय नवरात्रि की सप्तमी तिथि है। नवरात्रि में सातवें दिन महासप्तमी पड़ती है। इस दिन मां दुर्गा की सातवीं स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना की जाती है। सदैव शुभ फल देने के कारण इनको शुभंकरी भी कहा जाता है। मां कालरात्रि दुष्टों का विनाश करने के लिए जानी जाती हैं, इसलिए इनका नाम कालरात्रि है। मां दुर्गा की सातवीं स्वरूप मां कालरात्रि तीन नेत्रों वाली देवी हैं। कहा जाता है जो भी भक्त नवरात्रि के सांतवें दिन विधि-विधान से मां कालरात्रि की पूजा करता है, उसके सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। मां कालरात्रि की पूजा से भय और रोगों का नाश होता है। साथ ही भूत प्रेत, अकाल मृत्यु ,रोग, शोक आदि सभी प्रकार की परेशानियों से छुटकारा मिलता है। ऐसे में आइए जानते हैं मां कालरात्रि की पूजा पूजा की तिथि, शुभ मुहूर्त और मंत्र...
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नवरात्रि का सांतवां दिन है मां कालरात्रि को समर्पित, सुख-सौभाग्य के लिए ऐसे करें पूजा - फोटो : iStock
मां कालरात्रि का स्वरूप 
कह जाता है कि मां दुर्गा को कालरात्रि का रूप शुम्भ, निशुम्भ और रक्तबीज को मारने के लिए लेना पड़ा था। देवी कालरात्रि का शरीर अंधकार की तरह काला है। इनके श्वास से आग निकलती है। मां के बाल बड़े और बिखरे हुए हैं। गले में पड़ी माला बिजली की तरह चमकती रहती है। मां के तीन नेत्र ब्रह्मांड की तरह विशाल व गोल हैं। मां के चार हाथ हैं, जिनमें एक हाथ में खडग अर्थात तलवार, दूसरे में लौह अस्त्र, तीसरे हाथ अभय मुद्रा में है और चौथा वरमुद्रा में है।
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नवरात्रि का सांतवां दिन है मां कालरात्रि को समर्पित, सुख-सौभाग्य के लिए ऐसे करें पूजा - फोटो : iStock
पूजा विधि
सप्तमी तिथि के दिन ब्रह्म मुहूर्त में प्रातः स्नान करने के बाद पूजा आरंभ करनी चाहिए। स्नान के बाद माता के सामने घी का दीपक जलाएं। उन्हें लाल रंग के फूल अर्पित करें। मां कालरात्रि की पूजा में मिष्ठान, पंच मेवा, पांच प्रकार के फल, अक्षत, धूप, गंध, पुष्प और गुड़ नैवेद्य आदि का अर्पण किया जाता है। 

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नवरात्रि का सांतवां दिन है मां कालरात्रि को समर्पित, सुख-सौभाग्य के लिए ऐसे करें पूजा - फोटो : iStock
इस दिन गुड़ का विशेष महत्व बताया गया है। मां कालरात्रि को गुड़ या उससे बने पकवान का भोग लगाएं। पूजा समाप्त होने के बाद माता के मंत्रों का जाप कर उनकी आरती करें। साथ ही दुर्गा चालीसा या दुर्गा सप्तशती का पाठ करें। 
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नवरात्रि का सांतवां दिन है मां कालरात्रि को समर्पित, सुख-सौभाग्य के लिए ऐसे करें पूजा - फोटो : iStock
मंत्र
ऊं ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै ऊं कालरात्रि दैव्ये नम: .
ॐ कालरात्र्यै नम:
ॐ फट् शत्रून साघय घातय ॐ
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं दुर्गति नाशिन्यै महामायायै स्वाहा।

ध्यान मंत्र
एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता, लम्बोष्टी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी।
वामपादोल्ल सल्लोहलता कण्टक भूषणा, वर्धनमूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयङ्करी॥
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