26 अक्तूबर को पूर्णिमा है, तो खीर 25 की रात क्यों रखें?
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26 अक्तूबर को पूर्णिमा है, तो खीर 25 की रात क्यों रखें?
तारीख को लेकर भ्रम का कारण उदयातिथि और रात्रिकालीन पूजा के नियमों में अंतर है। कई धार्मिक कार्य सूर्योदय के समय मौजूद तिथि के आधार पर किए जाते हैं। वहीं, शरद पूर्णिमा की चंद्र पूजा और कोजागरी लक्ष्मी पूजा में रात्रि के समय पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व माना जाता है।
26 अक्तूबर को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि रहेगी, इसलिए उस दिन स्नान और दान किया जा सकता है। दूसरी ओर, 25 अक्तूबर की रात भी पूर्णिमा तिथि विद्यमान होगी। इसी कारण खीर रखने और चंद्रमा की पूजा के लिए 25 अक्तूबर की रात को प्राथमिकता दी जाती है।