दिन पर दिन बढ़ रही चोरी और घटनाओं के चलते लोग अपने घरों हाई सिक्योरिटी के ताले आदि लगवा रहे हैं, लेकिन देश में एक ऐसा गांव है जहां घरों में दरवाजे नहीं हैं ।यहां तक लोग अपने गहने, पैसों को भी तालों में बंद करके नहीं रखते। आप जानते हैं ऐसा क्यों? क्यों इस गांव के लोगों को अपने सामान की चिंता नहीं होती। उसका कारण है शनिदेव, यहां के लोगों का मानना है कि उनके गांव शिंगणापुर की सुरक्षा खुद शनिदेव करते है। अगर उनके यहां कोई चोरी भी होती है तो वो गांव से बाहर नहीं जा पाता। जानिए महाराष्ट्र के अहमदनगर के इस गांव से शनिदेव का क्या है संबंध
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यहां पर शनिदेव का मंदिर है, जहां भगवान शनि की काले रंग की स्वयंभू मूर्ति विराजमान है। इस मंदिर की खास बात यह है कि यहां भगवान शनि है, लेकिन मंदिर नहीं। घर है परंतु दरवाजा नहीं। वृक्ष है लेकिन छाया नही। यहां मंदिर के नाम पर कोई भव्य ढ़ाचा नहीं है, बल्कि भगवान शनि खुले स्थान पर एक चबूतरे पर विराजमान है। 5 फुट 9 इंच ऊंची मूति हर मौसम में बिना छत्र धारण किए खड़ी रहती है।
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यह गांव ज्यादा बड़ा नहीं है, लेकिन यहां के लोग सृमद्घ है। इसके बावजूद किसी घर में दरवाजे नहीं है। आप जानकर हैरान हो जाएंगे कि यहां पर कभी भी चोरी नहीं हुई है। शनिदेव के दर्शन करने के लिए आने वाले भक्त कभी भी अपने वाहनों में ताला नहीं लगाते।
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माना जाता कि यह शिला एक गड़रिए को मिली थी। शनिदेव ने उसे खुले परिसर में रखने का आदेश दिया। भगवगान के आदेश को पाकर इस प्रतिमा को वहीं पर स्थापित कर दिया गया।