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Shani Pradosh Vrat 2023 Date: संतान प्राप्ति के लिए रखा जाता है शनि प्रदोष व्रत, जानें शुभ मुहूर्त

Sun, 12 Feb 2023 12:47 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

शनि प्रदोष व्रत फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को है। शनि प्रदोष व्रत पर भगवान शिव की पूजा करते हैं और अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण करके व्रत को पूरा किया जाता है।
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संतान प्राप्ति के लिए रखा जाता है शनि प्रदोष व्रत - फोटो : अमर उजाला
Shani Pradosh Vrat 2023 : हर महीने की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत किया जाता है। अलग-अलग दिन पड़ने वाले प्रदोष की महिमा अलग-अलग होती है। प्रदोष व्रत  भगवान शिव की कृपा पाने के लिए किया जाता है। प्रदोष व्रत हर महीने में दो बार कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष को आता है। यह व्रत दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। यदि प्रदोष व्रत सोमवार के दिन पड़ता है तो इसे सोम प्रदोषम कहते हैं। जब यह मंगलवार के दिन आता है तो इसे भौम प्रदोषम कहते हैं और शनिवार के दिन इसे शनि प्रदोषम कहते हैं। यह व्रत सूर्यास्त के समय पर निर्भर करता है। शनि प्रदोष व्रत फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को है। शनि प्रदोष व्रत पर भगवान शिव की पूजा करते हैं और अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण करके व्रत को पूरा किया जाता है। शनि प्रदोष व्रत करने से पुत्र की प्राप्ति होती है। इस व्रत के प्रभाव और शिव कृपा से व्यक्ति को संतान सुख मिलता है। आइए जानते हैं शनि प्रदोष व्रत की तिथि, शिव पूजा मुहूर्त के बारे में। 
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संतान प्राप्ति के लिए रखा जाता है शनि प्रदोष व्रत
शनि प्रदोष व्रत 2023 तिथि
कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि आरंभ: 17 फरवरी, शुक्रवार, रात्रि 11: 36 मिनट से  
कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि समाप्त: 18 फरवरी, शनिवार, रात्रि 08: 02 मिनट पर 
उदया तिथि और प्रदोष पूजा मुहूर्त के आधार पर शनि प्रदोष व्रत 18 फरवरी को रखा जाएगा।
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संतान प्राप्ति के लिए रखा जाता है शनि प्रदोष व्रत - फोटो : iStock
शनि प्रदोष पूजा मुहूर्त
शनि प्रदोष व्रत पूजा मुहूर्त: 18 फरवरी, शनिवार, सायं 06: 03 मिनट से रात्रि 08: 02 मिनट तक 

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संतान प्राप्ति के लिए रखा जाता है शनि प्रदोष व्रत - फोटो : iStock
इस योग में होगा शनि प्रदोष व्रत
18 फरवरी को साल का पहला शनि प्रदोष व्रत पड़ेगा। यह शनि प्रदोष व्रत सर्वार्थ सिद्धि योग में पड़ेगा। 
सर्वार्थ सिद्धि योग आरंभ: 18 फरवरी, शनिवार, सायं 05:42 मिनट से  
सर्वार्थ सिद्धि योग समाप्त: 19 फरवरी, रविवार, प्रातः 06:56 मिनट तक 
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संतान प्राप्ति के लिए रखा जाता है शनि प्रदोष व्रत - फोटो : iStock
शनि प्रदोष व्रत का महत्व 
शनि प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है। शनि प्रदोष व्रत संतान प्राप्ति के लिए रखा जाता है। प्रदोष काल के इस मुहूर्त में भगवान शिव की विधिपूर्वक पूजा करते हैं। हालांकि लोग दिन में भी व्रत की पूजा कर लेते हैं। शनि प्रदोष व्रत की पूजा करते समय  शनि प्रदोष व्रत कथा जरूर सुनना चाहिए। 
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