फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shani Jayanti 2022: शनि जयंती आज, शनिदेव की प्रसन्नता के लिए करें ये 5 उपाय, मिट जाएंगे सारे दुख

Mon, 30 May 2022 09:46 AM IST
विनोद शुक्ला अनीता जैन ,वास्तुविद
विज्ञापन
1 of 6
shani jayanti 2022: शनि जयंती के दिन छाया दान या शनिदेव पर तेल चढ़ाना अति लाभकारी माना गया है। - फोटो : अमर उजाला
Shani Jayanti 2022 Upay : हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि को शनि जयंती मनाई जाती है। धर्म और ज्योतिष की दृष्टि से भगवान सूर्य और देवी छाया के पुत्र शनिदेव को सभी नव ग्रहों में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। शनि जयंती का दिन शनि दोष से मुक्ति पाने के लिए खास माना जाता है। इस दिन जिन जातकों पर शनि ढैय्या व शनि की साढ़ेसाती चल रही है, उन्हें शनिदेव को प्रसन्न करने के उपाय जरूर करने चाहिए। हिंदूधर्म के अनुसार, शनिदेव को न्यायप्रिय व कर्मों के अनुसार फल देने वाला देवता कहा गया है। अच्छे कर्म करने वालों पर शनि देव की सदैव कृपा बनी रहती है और उनकी समस्त मनोकामनाएं पूरी होती है। जबकि बुरे कर्म करने वाले व्यक्ति को शनिदेव कठोर दंड देते है।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 6
shani jayanti 2022 - फोटो : अमर उजाला
तेल का दान
शनि जयंती के दिन छाया दान या शनिदेव पर तेल चढ़ाना अति लाभकारी माना गया है। इस दिन कांसे या लोहे के कटोरे में सरसों का तेल लें और उसमें अपना चेहरा देखें। उसके बाद कटोरे सहित इसे किसी गरीब या जरूरतमंद को दान कर दें। या फिर शनि मंदिर में रख दें,आपकी समस्याएं कम होने लगेंगी।
विज्ञापन

3 of 6
shani jayanti 2022 - फोटो : अमर उजाला
दान करना है शुभ
जिन जातकों पर शनि की साढ़ेसाती या शनि ढैय्या का प्रभाव है।उन्हें शनि जयंती के दिन किसी शनि मंदिर में जाकर पूजा करनी चाहिए। उसके बाद शनिदेव को सरसों का तेल, काला तिल व काला उड़द अर्पित करें।इस दिन किसी गरीब या जरूरतमंद को अपनी सामर्थ्य अनुसार मदद करें। शनि जयंती के दिन पैसे, काले कपड़े, तेल, भोजन, तिल और उड़द आदि का दान करने से शनिजनित दोष दूर होते हैं।
 

4 of 6
shani jayanti 2022 - फोटो : अमर उजाला
शमी और पीपल की उपासना-
ज्योतिषीय दृष्टि से देखें तो पीपल और शमी का संबंध शनि से माना जाता है। इन दोनों वृक्षों की जड़ में शनि जयंती एवं हर शनिवार को जल चढ़ाने और दीपक जलाने से अनेक प्रकार के कष्टों का निवारण होता है। शनि की साढ़ेसाती या ढईया के चलते पीपल के पेड़ की पूजा करना और उसकी परिक्रमा करने से शनि की पीड़ा झेलनी नहीं पड़ती। वहीं इस दिन पीपल का वृक्ष लगाने से शनि की कृपा प्राप्त होती है।
विज्ञापन

5 of 6
shani jayanti 2022 - फोटो : अमर उजाला
मंत्रों से होगा लाभ
जीवन में आए कष्टों को दूर करने के लिए शनि दोष से पीड़ित व्यक्ति को शनि जयंती से शुरू कर हर शनिवार के दिन शनिदेव के मंत्र ‘ऊं प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम:’ का जाप करना चाहिए।शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए शनि चालीसा और शनिदेव की आरती भी करें। शनिदेव की प्रसन्नता के लिए जातक को शनिवार के दिन व्रत रखना चाहिए,ऐसा करने से जीवन में आए संकट दूर होने लगते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
shani jayanti 2022 - फोटो : अमर उजाला
जलाभिषेक और हनुमानजी की उपासना
शनिदेव के आराध्य भगवान शिव हैं। इस दिन शनिदेव के साथ शिवजी पर काले तिल मिले हुए जल से अभिषेक करना चाहिए। शनि दोष की शांति के लिए प्रतिदिन महामृत्युंजय मंत्र या 'ॐ नमः शिवाय' का जाप और सुंदरकाण्ड का पाठ करना चाहिए इससे शनि देव प्रसन्न होते हैं। शनिदेव, हनुमानजी की पूजा करने वालों से सदैव प्रसन्न रहते हैं,इसलिए इनकी प्रसन्नता के लिए शनि पूजा के साथ-साथ हनुमान जी की भी पूजा करनी चाहिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें