धार्मिक मान्यता के अनुसार ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि को शनि देव का जन्म हुआ था इसलिए प्रत्येक वर्ष इस दिन को शनि जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस बार शनि जयंती 10 जून 2021 दिन गुरुवार को मनाई जाएगी। शनि को देव और ग्रह दोनों का दर्जा दिया गया है। इनके विषय में मान्यता है कि ये पल भर में रंक को राजा और राजा को भी रंक बना सकते हैं। ज्योतिष में शनि को क्रूर ग्रह माना जाता है। ज्यादातर लोग शनि का नाम सुनकर ही घबरा जातें हैं क्योंकि इनको लेकर कई तरह की भ्रांतियां हैं। इन्हें मारक, अशुभ और दुख कारक माना जाता है किंतु ये मनुष्य को उसके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं। ये बुरे कर्म करने वालों के लिए दंड नायक हैं तो अच्छे कर्म करने वालों को शनिदेव अपना आशीर्वाद प्रदान करते हैं, इसलिए इन्हें न्यायधीश और कर्मफलदाता कहा जाता है। शनि जयंती के पावन अवसर पर जानिए शनिदेव से जुड़ी खास बातें और जानिए कि शनिदेव कैसे बने कर्मफलदाता।