3 जून, सोमवार को शनि जयंती है। सूर्यपुत्र भगवान शनिदेव का जन्म ज्येष्ठ मास की अमावस्या पर हुआ था। शनि को यम, काल, दु:ख, दारिद्र और मंद कहा जाता है। शनिदेव का नाम आते ही मन किसी अनिष्ट होने की आशंका से घबराने लगता है। ऐसे में शनिदेव को हमेशा प्रसन्न रखने की ही कोशिश करनी चाहिए। शनिदेव प्रसन्न रहें, इसके लिए लोग शनि की पूजा करते हैं। लेकिन कुछ ऐसी बाते हैं जिनका ध्यान जरूर रखना चाहिए ताकि शनि की कुदृष्टि आप पर ना पड़ने पाएं। शनि की पूजा के लिए शास्त्रों में कुछ खास नियम बताए गए हैं।
शनि जयंती के अवसर पर शनि दोष निवारण पूजा (03 जून 2019, सोमवार)